अमित शाह से एनसीपी नेताओं की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज, हुसैन दलवई ने पवार के सामने रखे दो विकल्प।
महाराष्ट्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेताओं के बीच हालिया मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने शरद पवार को कांग्रेस में शामिल होने की सलाह दी है।
दलवई ने दावा किया कि एनसीपी एक राजनीतिक दल के रूप में ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में शरद पवार के पास सीमित विकल्प बचे हैं और उन्हें कांग्रेस में आ जाना चाहिए।
आईएएनएस से बातचीत में हुसैन दलवई ने कहा, “एनसीपी पार्टी रहेगी ही नहीं। बिल्कुल नहीं रहेगी। पवार साहब बीमार हैं तो मैं ज्यादा कहूंगा नहीं, मगर उनका कांग्रेस में आना ही ठीक रहेगा।”
पवार के सामने दो ही विकल्प- हुसैन दलवई
दलवई ने कहा कि शरद पवार के पास अब ज्यादा रास्ते नहीं बचे हैं। उनके मुताबिक, पवार या तो बीजेपी में जा सकते हैं या कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शरद पवार महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और संविधान की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। ऐसे में दलवई की राय है कि उनके लिए कांग्रेस के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है और कांग्रेस में आने से ही उनका भला होगा।
अमित शाह से मिले थे एनसीपी के वरिष्ठ नेता
इससे पहले रविवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे सहित पार्टी के कई नेता मौजूद थे।
हालांकि, एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा उनके बेटे पार्थ और जय इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद पार्टी में अंदरूनी मतभेद की अटकलें लगने लगीं। एनसीपी ने सोमवार को इन खबरों को खारिज करते हुए बैठक को नियमित बताया था।
संजय राउत ने भी उठाए सवाल
एनसीपी नेताओं की अमित शाह से मुलाकात पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीपी के नेता बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं और जल्द ही भगवा पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा कि एनसीपी अब अजित पवार की पार्टी नहीं रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जनवरी में अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद एनसीपी अनाथ हो गई है।
गौरतलब है कि शरद पवार ने 1999 में एनसीपी की स्थापना की थी। जुलाई 2023 में पार्टी में विभाजन हो गया था। इसके बाद दिवंगत अजित पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर भी अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने रहे।
सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती हुए शरद पवार
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनकी बेटी और बारामती से लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि खांसी की शिकायत के बाद 85 वर्षीय शरद पवार को रूबी हॉल क्लीनिक लाया गया। सुले के मुताबिक, उनकी जांच की जा रही है और उनकी हालत स्थिर है।

