चक्रवात अर्नब से प्रभावित परिवारों को मिलेगी 2,500 रुपये की मददओडिशा सरकार ने गंजाम और कोरापुट के 4.30 लाख से अधिक परिवारों के लिए 107.70 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मंजूर की।

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चक्रवात अर्नब से प्रभावित ओडिशा के परिवारों को राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की ओर से घोषित राहत पैकेज के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 2,500 रुपये की नकद मदद दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से 107 करोड़ 70 लाख 82 हजार 500 रुपये मंजूर किए हैं।

4,30,833 परिवारों को मिलेगा लाभ

ओडिशा सरकार की ओर से 4 नवंबर को जारी जानकारी के अनुसार, इस सहायता का लाभ गंजाम और कोरापुट जिले के कुल 4,30,833 प्रभावित परिवारों को मिलेगा। सरकार ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को राशि उपलब्ध करा दी है, ताकि पात्र परिवारों तक जल्द मदद पहुंचाई जा सके।

राहत पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा गंजाम जिले के प्रभावित परिवारों के लिए मंजूर किया गया है।

गंजाम के लिए 107 करोड़ रुपये से ज्यादा मंजूर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, गंजाम जिले में चक्रवात से प्रभावित 4,29,782 परिवारों को 2,500 रुपये प्रति परिवार दिए जाएंगे। इसके लिए 107 करोड़ 44 लाख 55 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।

वहीं, कोरापुट जिले के 1,051 प्रभावित परिवारों को भी प्रति परिवार 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके लिए 26 लाख 27 हजार 500 रुपये मंजूर किए गए हैं।

इस तरह दोनों जिलों के कुल 4,30,833 परिवारों के लिए 107 करोड़ 70 लाख 82 हजार 500 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

कलेक्टरों के माध्यम से होगा वितरण

राज्य सरकार ने मंजूर की गई राशि संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भेज दी है। अब जिला प्रशासन निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता वितरित करेगा।

सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को जल्द आर्थिक मदद पहुंचाना है, ताकि वे अपनी जरूरी जरूरतें पूरी कर सकें और सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

मुख्यमंत्री के राहत पैकेज का हिस्सा है सहायता

यह आर्थिक मदद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की ओर से घोषित राहत पैकेज का हिस्सा है। चक्रवात अर्नब से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए एसडीआरएफ से यह राशि मंजूर की गई है। सहायता का लाभ निर्धारित नियमों के तहत पात्र परिवारों को मिलेगा और इसके वितरण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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