रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया, भीड़ संभालने के लिए वॉर रूम से निगरानी।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर सुविधाओं को लेकर उनका फीडबैक भी लिया।
रेल मंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। यात्रियों की सुविधा और सेवाओं में सुधार के लिए भारतीय रेलवे लगातार काम कर रहा है। इस त्योहारी सीजन में करीब 18 हजार विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
वॉर रूम से 24 घंटे हो रही स्टेशनों की निगरानी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के सभी रेलवे स्टेशनों की वॉर रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। भीड़ और यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए हीट मैप का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां अधिक भीड़ होती है, वहां मांग के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पिछले दिन शाम को काफी भीड़ थी, जिसके बाद कई विशेष ट्रेनें चलाई गईं। त्योहारों के दौरान बेहतर सेवाएं देने के लिए रेलवे पिछले छह महीने से लगातार तैयारियां कर रहा था।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है। निगरानी और सुरक्षा मजबूत करने के लिए 700 अतिरिक्त एआई कैमरे भी लगाए गए हैं।
रेल मंत्री के मुताबिक, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि स्टेशन पहुंचने के बाद यात्रियों को अपनी ट्रेन तक पहुंचने में कम से कम समय लगे।
रेलवे की ओर से प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के रुकने के लिए विशेष स्थान, अतिरिक्त टिकट बुकिंग व्यवस्था, सामान की जांच, पीने के पानी और साफ-सुथरे शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नई दिल्ली स्टेशन पर आरक्षित यात्रियों के लिए भी होल्डिंग एरिया
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पिछले साल अनारक्षित यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया की सुविधा शुरू की गई थी। अब आरक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए भी अलग होल्डिंग एरिया बनाया गया है। रेलवे ने इस बार 20 स्टेशनों पर इस तरह की व्यवस्था की है।
यात्रियों के प्रवेश और आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए साझा होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है। सामान की जांच की सुविधा भी स्टेशन भवन के बाहर कर दी गई है। इससे स्टेशन के अंदर पहले टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह पर आरामदायक प्रतीक्षालय बनाया गया है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।
दिल्ली के स्टेशनों पर पांच दिनों में 2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन और सराय रोहिल्ला सहित दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों पर 1 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक करीब 2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
इन स्टेशनों पर आमतौर पर रोजाना औसतन करीब 5 लाख यात्री आते हैं। हालांकि, 1 से 5 नवंबर के व्यस्त समय में यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन औसतन करीब 8 लाख हो गई।
मुंबई के स्टेशनों पर 1.5 करोड़ यात्रियों की आवाजाही
बांद्रा टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) सहित मुंबई क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों पर 1 अक्टूबर से 5 नवंबर तक करीब 1.5 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
यहां आम दिनों में रोजाना औसतन करीब 4 लाख यात्री आते हैं। वहीं, 1 से 5 नवंबर के व्यस्त समय में यह संख्या बढ़कर रोजाना औसतन करीब 5 लाख हो गई।
हैदराबाद और बेंगलुरु में भी बढ़ी भीड़
सिकंदराबाद, काचीगुडा और चार्लापल्ली सहित हैदराबाद क्षेत्र के स्टेशनों पर 1 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच करीब 90 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। यहां रोजाना औसतन करीब 2.5 लाख यात्री आते हैं, जबकि 1 से 5 नवंबर के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 4 लाख हो गई।
बेंगलुरु सिटी, सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीबी), यशवंतपुर और येलाहंका सहित बेंगलुरु क्षेत्र के स्टेशनों पर इसी अवधि में करीब 1 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। यहां रोजाना औसतन करीब 2.5 लाख यात्री आते हैं, जबकि व्यस्त दिनों में यह संख्या बढ़कर करीब 3.5 लाख हो गई।
सूरत और उधना स्टेशनों पर भी बढ़े यात्री
सूरत और उधना रेलवे स्टेशनों पर 1 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक करीब 50 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। यहां आमतौर पर रोजाना औसतन करीब 1 लाख यात्री आते हैं, जबकि 1 से 5 नवंबर के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 1.6 लाख हो गई।
सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा पर रेलवे का जोर
भारतीय रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधाएं बेहतर बनाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और फीडबैक के आधार पर परिचालन में सुधार करने पर लगातार काम किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और परेशानी मुक्त यात्रा उपलब्ध कराना है।

