AIIMS INI CET Counselling January 2026: देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) और सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज में एडमिशन चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने INI CET जनवरी 2026 सत्र के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। इस बार कुल 32,374 योग्य उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन के पात्र हैं।
किस-किस संस्थान के लिए हो रही है काउंसलिंग?
यह काउंसलिंग केवल एम्स तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य शीर्ष मेडिकल संस्थानों के लिए भी आयोजित की जाती है:
- AIIMS (All India Institute of Medical Sciences)
- PGIMER, चंडीगढ़
- JIPMER, पुडुचेरी
- NIMHANS, बेंगलुरु
- SCTIMST, तिरुवनंतपुरम
यह सभी संस्थान भारत में PG मेडिकल शिक्षा के लिए सबसे प्रतिष्ठित केंद्र माने जाते हैं और INI CET के माध्यम से ही प्रवेश दिया जाता है।
NIMHANS और SCTIMST में बड़ा बदलाव
इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया से पहले दो प्रमुख संस्थानों ने बड़ा निर्णय लेते हुए ऊपरी आयु सीमा (Upper Age Limit) लागू कर दी है:
- NIMHANS
- SCTIMST
पहले मेडिकल PG या सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं होती थी, लेकिन अब इन संस्थानों ने निश्चित उम्र से अधिक उम्मीदवारों को कुछ विशेष कोर्सेज के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इसका सीधा प्रभाव बड़ी संख्या में उम्मीदवारों पर पड़ेगा।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
INI CET 2026 काउंसलिंग में भाग ले रहे उम्मीदवारों को निम्न सलाह दी जाती है:
✔ 1. आधिकारिक वेबसाइट पर नया बुलेटिन जरूर पढ़ें
एम्स और संबंधित संस्थानों की ओर से जारी नवीनतम guidelines को ध्यान से पढ़ें।
✔ 2. उम्र सीमा नियम को समझें
NIMHANS और SCTIMST के revised नियमों को समझें ताकि गलती से ऐसे कोर्स न चुनें जिनके लिए आप पात्र नहीं हैं।
✔ 3. रैंक, पात्रता और प्रिफरेंस के आधार पर चॉइस-फिलिंग करें
INI CET काउंसलिंग में विकल्प चुनते समय छोटी गलती भी आपकी सीट प्रभावित कर सकती है।
✔ 4. चॉइस को लॉक करने से पहले पूरी जाँच करें
अंतिम लॉक करने से पहले अपने विकल्पों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें, क्योंकि बाद में बदलाव संभव नहीं होगा।
अंतिम चरण – सीट आवंटन प्रक्रिया
जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश के लिए यह काउंसलिंग एक महत्वपूर्ण चरण है। सीटों का आवंटन इन आधारों पर किया जाएगा:
- उम्मीदवार की रैंक
- भरे गए विकल्प
- संस्थानों के नए नियम
- कोटा/आरक्षण व्यवस्था
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग शेड्यूल और प्रत्येक डेडलाइन पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि समय चूकने से एडमिशन अवसर हाथ से निकल सकता है।

