फुकेट-दिल्ली उड़ान में अचानक 300 फीट नीचे गिरा था विमान, 13 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों को कराया गया अस्पताल में भर्ती
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस के बाद पायलट के डोप टेस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट के एक पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। इसके बाद उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि विमान की ऊंचाई में अचानक आई गिरावट की जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।
हालांकि, एयर इंडिया ने पायलट के डोप टेस्ट के नतीजे की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन का कहना है कि फ्लाइट के बाद नियमों के तहत पायलटों का टेस्ट कराया गया था, लेकिन टेस्ट की रिपोर्ट अभी एयर इंडिया के साथ साझा नहीं की गई है। इसलिए वह नतीजे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयर इंडिया ने कहा कि वह विमानन नियमों के मुताबिक अपने क्रू सदस्यों का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट कराती है। जरूरत पड़ने पर एयरलाइन संबंधित अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी।
दरअसल, 145 यात्रियों वाली एयरबस ए320 फ्लाइट फुकेट से दिल्ली आ रही थी। ओडिशा के पास विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान करीब 300 फीट नीचे गिर गया।
घटना के बाद पायलटों के डोप टेस्ट की रिपोर्ट को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने तक पायलट के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की बात केवल सूत्रों के हवाले से कही जा रही है।
13 यात्री और 4 क्रू सदस्य अस्पताल में भर्ती
दिल्ली पहुंचने के बाद फ्लाइट के 13 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि डीजीसीए इस पूरे मामले की कई एंगल से जांच कर रहा है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टर्बुलेंस के दौरान पायलटों ने विमान को सही तरीके से संभाला था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि टर्बुलेंस की वजह मौसम था या कोई अन्य कारण।
डीजीसीए यह भी पता लगा रहा है कि विमान के अचानक नीचे गिरने से कोई तकनीकी नुकसान, जैसे हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी, तो नहीं हुई थी। इसके अलावा यह सवाल भी जांच के दायरे में है कि इतनी गंभीर घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना सही फैसला था या उसे वाराणसी या लखनऊ जैसे किसी नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारना चाहिए था।
फ्लाइट के पूरे क्रू को ड्यूटी से हटाया गया
जांच पूरी होने तक नियमों के मुताबिक फ्लाइट के पूरे क्रू को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। यानी इस फ्लाइट में तैनात पायलट फिलहाल कोई उड़ान नहीं भर रहे हैं।
डीजीसीए के नियमों के मुताबिक, अगर कोई पायलट पहली बार नशीले या मनो-सक्रिय पदार्थ के सेवन के टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नशामुक्ति और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसके बाद डोप टेस्ट निगेटिव आने पर ही उसे दोबारा उड़ान ड्यूटी पर लौटने की अनुमति मिल सकती है।

