पटना में राज्यस्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसलों की घोषणा की। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों से सीधे संवाद और छात्र कल्याण के लिए नई व्यवस्थाएं तैयार करेगी।
पटना में रविवार को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर में बिहार सरकार ने शिक्षा नीति को लेकर कई बड़े फैसले किए। कन्वेंशन हॉल में कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट के जरिए इन फैसलों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्यस्तरीय समिति का गठन, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों और जनप्रतिनिधियों के बीच विशेष सहयोग शिविर तथा छात्र कल्याण से जुड़ी नई व्यवस्था शामिल है। सरकार का जोर नीतिगत घोषणाओं के साथ-साथ छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान पर भी रहेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
सरकार राज्यस्तरीय समिति का गठन करेगी, जिसका उद्देश्य हर स्कूल में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना होगा। समिति स्कूलों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेगी, ताकि छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार हो सके। सरकार का मानना है कि स्कूलों की बुनियाद मजबूत किए बिना शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव संभव नहीं है।
परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अलग समिति बनाई जाएगी। यह समिति परीक्षाओं को सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के साथ छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता के बेहतर आकलन के तरीकों पर भी काम करेगी।
प्रस्तावित सुधारों के दायरे में बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और कक्षा स्तर के मूल्यांकन को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा आयोजित करने के तरीकों का अध्ययन किया जाएगा और बिहार में बेहतर व्यवस्था लागू करने की कोशिश होगी। ऐसे में आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरी तकनीकों के इस्तेमाल की संभावना भी बन सकती है।
विशेष सहयोग शिविर में छात्रों से सीधा संवाद
सरकार विशेष सहयोग शिविर आयोजित करेगी, जिसमें शिक्षा से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और छात्रों के बीच सीधे संवाद के जरिए सुना जाएगा। मंत्री, विधायक, सांसद और जिलाधिकारी स्कूल-कॉलेजों का दौरा कर छात्रों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों को समझेंगे।
छात्रों की शिकायतों और सुझावों को एक समर्पित डिजिटल पोर्टल पर भी दर्ज किया जाएगा। इससे मामलों की निगरानी करने और उनके समाधान में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
छात्र कल्याण के लिए नई व्यवस्था की योजना
चौथी घोषणा छात्र कल्याण से जुड़ी है। सरकार संबंधित विभागों में निदेशालय गठित करने की योजना बना रही है, ताकि छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं का बेहतर समन्वय किया जा सके और उनका प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर छात्रों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार के इन फैसलों को छात्रों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब इन घोषणाओं को समिति और विभागीय स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद इनके वास्तविक प्रभाव का पता चलेगा।

