एशेज सीरीज में इंग्लैंड की सबसे छोटी जीतें: इतिहास के 4 रोमांचक टेस्ट मैच

एशेज सीरीज टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक और प्रतिष्ठित मुकाबलों में से एक है। इंग्लैंड ने इस टक्कर में कई यादगार जीत दर्ज की हैं, जिनमें कुछ जीतें बेहद कम अंतर से हासिल हुईं। ये मुकाबले दर्शाते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, जज्बा और रणनीति कितनी अहम होती है।
यहाँ एशेज के इतिहास में रनों के लिहाज से इंग्लैंड की सबसे छोटी जीतें देखिए—
#1 — 2 रन की जीत (साल 2005)
साल 2005 की एशेज सीरीज का बर्मिंघम टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है।
- इंग्लैंड ने पहली पारी में 407 रन बनाए
- ऑस्ट्रेलिया 308 रन पर ऑलआउट
- इंग्लैंड दूसरी पारी: 182
- टारगेट: 282 रन
- ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी: 279 रन
इंग्लैंड ने सिर्फ 2 रन से जीत दर्ज की।
एंड्रयू फ्लिंटॉफ को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
#2 — 3 रन की जीत (साल 1982)
1982 में मेलबर्न टेस्ट भी आखिरी पलों तक चला रोमांचक मुकाबला था।
- इंग्लैंड पहली पारी: 284
- ऑस्ट्रेलिया पहली पारी: 287
- इंग्लैंड दूसरी पारी: 294
- टारगेट: 292 रन
- ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी: 288
इंग्लैंड ने 3 रन से जीत अपने नाम की।
#3 — 10 रन की जीत (साल 1894)
1894 का सिडनी टेस्ट फॉलोऑन खेलकर जीते गए चुनिंदा मुकाबलों में से एक है।
- ऑस्ट्रेलिया पहली पारी: 586
- इंग्लैंड पहली पारी: 325
- इंग्लैंड फॉलोऑन में: 437
- टारगेट: 177 रन
- ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी: 166
इंग्लैंड ने 10 रन से रोमांचक जीत दर्ज की।
#4 — दो बार 12 रन से जीत (1929 और 1998)
इंग्लैंड ने एशेज इतिहास में दो बार 12 रन के अंतर से जीत हासिल की है—
1929, एडिलेड टेस्ट
- टारगेट: 349
- ऑस्ट्रेलिया लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई
1998, मेलबर्न टेस्ट
- टारगेट: 175
- ऑस्ट्रेलिया 162 रन पर ऑलआउट
दोनों मुकाबले इंग्लैंड की सूझबूझ और तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के लिए याद किए जाते हैं।

