चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच तेज, 250 से अधिक लोगों से पूछताछ; दान और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी उठी
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। जैसे-जैसे विशेष जांच दल (SIT) मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, वैसे-वैसे कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच के दौरान अब काउंटिंग रूम के सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने के संकेत मिले हैं, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को प्रारंभिक जांच में यह आशंका मिली है कि काउंटिंग सेंटर की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। मामले की तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित डीवीआर (DVR) को दिल्ली की फॉरेंसिक लैब भेजा गया है, जहां डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास किया जाएगा।
CCTV फुटेज डिलीट होने की आशंका से बढ़ी जांच की गंभीरता
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की टीम व्यापक स्तर पर जांच कर रही है। अब तक 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें मंदिर परिसर में कार्यरत कर्मचारी, अधिकारी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी सभी के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है।
एसआईटी मंदिर के पुजारियों से भी लगातार पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की भी जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों ने ट्रस्ट कार्यालय का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
8 महीने का डेटा डिलीट करने का लगाया गया था आरोप
मामले में पहले भी सीसीटीवी डेटा डिलीट किए जाने के आरोप सामने आ चुके हैं। पूर्व लेखाकार महिपाल ने दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान सीसीटीवी का करीब आठ महीने का डेटा डिलीट कर दिया गया था।
इस आरोप के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या रिकॉर्डिंग को एक से अधिक बार हटाया गया था। तकनीकी विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि डेटा डिलीट होने की प्रक्रिया कब और कैसे हुई।
ट्रस्ट कार्यालय के दस्तावेजों की भी हो रही जांच
एसआईटी सिर्फ सीसीटीवी फुटेज तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं की भी जांच कर रही है। कर्मचारियों की नियुक्ति, दान संग्रह व्यवस्था और काउंटिंग सिस्टम को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राम मंदिर के चंदे और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
इस बीच राम मंदिर को प्राप्त चंदे और उसके खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी तेज हो गई है। बिहार के बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह के वकील एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि से वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक प्राप्त दान राशि और उसके मदवार खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। नोटिस में ट्रस्ट को तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सामने आए नए खुलासों के बाद जांच की दिशा और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अब सभी की नजर दिल्ली लैब में हो रही तकनीकी जांच और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीसीटीवी फुटेज वास्तव में डिलीट किए गए थे या नहीं और पूरे मामले के पीछे क्या वजह रही।

