आखिरी 20 मिनट में हुए सभी पांच गोल, वर्ल्ड कप के 96 साल के इतिहास में पहली बार बना अनोखा रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने बोस्निया एंड हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लॉस एंजिल्स के सोफी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में स्विस टीम की जीत जितनी खास रही, उससे कहीं ज्यादा चर्चा मुकाबले में बने ऐतिहासिक रिकॉर्ड और युवा खिलाड़ी जोहान मंजांबी के शानदार प्रदर्शन की हो रही है।
यह फुटबॉल विश्व कप के इतिहास का पहला ऐसा मुकाबला बन गया, जिसमें मैच के सभी पांच गोल 70वें मिनट के बाद किए गए। आखिरी 20 मिनट में आए गोलों की झड़ी ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया और इस मैच को टूर्नामेंट के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया।
20 वर्षीय जोहान मंजांबी बने जीत के सबसे बड़े हीरो
स्विट्जरलैंड की जीत के नायक 20 वर्षीय जोहान मंजांबी रहे, जिन्होंने सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान में उतरकर इतिहास रच दिया। जब मंजांबी 72वें मिनट में मैदान पर आए, तब दोनों टीमों के बीच मुकाबला 0-0 की बराबरी पर था।
मैदान में आने के महज दो मिनट बाद ही उन्होंने 74वें मिनट में गोल कर स्विट्जरलैंड को बढ़त दिला दी। इसके बाद उन्होंने 90वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर टीम की जीत लगभग पक्की कर दी। मंजांबी के इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया।
टूटा 24 साल पुराना विश्व कप रिकॉर्ड
अपने दो गोलों की बदौलत जोहान मंजांबी ने फीफा वर्ल्ड कप के 96 साल के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया। वह विश्व कप में बेंच से उतरकर दो गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने 2002 फीफा वर्ल्ड कप में बना 24 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। युवा खिलाड़ी का यह प्रदर्शन भविष्य में स्विट्जरलैंड फुटबॉल के लिए बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों का रहा दबदबा
यह मुकाबला सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों के प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए भी याद किया जाएगा। मैच में हुए कुल पांच गोलों में से चार गोल ऐसे खिलाड़ियों ने किए, जो शुरुआती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे।
स्विट्जरलैंड के लिए जोहान मंजांबी के दो गोलों के अलावा रूबेन वर्गास ने भी बेंच से उतरकर गोल किया। वहीं बोस्निया एंड हर्जेगोविना की ओर से एकमात्र गोल करने वाले एरिन महमिक भी सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी थे।
फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में यह केवल दूसरा अवसर है जब किसी मैच में सब्स्टिट्यूट खिलाड़ियों ने चार या उससे अधिक गोल किए हों। इससे पहले 1982 विश्व कप में हंगरी और अल साल्वाडोर के बीच हुए मुकाबले में ऐसा देखने को मिला था।
ग्रुप-बी में मजबूत हुई स्विट्जरलैंड की स्थिति
कतर के खिलाफ अपना पहला मैच 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद स्विट्जरलैंड के लिए यह जीत बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। 4-1 की बड़ी जीत से टीम ने तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और साथ ही अपना गोल अंतर भी मजबूत कर लिया।
जोहान मंजांबी अब स्विट्जरलैंड के लिए फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले केवल अल्फ्रेड बिकेल और चार्ल्स एंटेनन ही कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर सके थे।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप-बी में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है और अब टीम अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखना चाहेगी।

