वीकेंड पर भी नहीं जुटे दर्शक, बॉक्स ऑफिस पर ‘भारत भाग्य विधाता’ को मिल रही कड़ी चुनौती
कंगना रनौत की प्रमुख भूमिका वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम साबित हो रही है। बीते शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है। रिलीज के दूसरे दिन यानी शनिवार को वीकेंड का फायदा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि फिल्म की कमाई में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला।
फिल्म के कमजोर प्रदर्शन ने मेकर्स और वितरकों की चिंता बढ़ा दी है। बड़े पैमाने पर रिलीज होने के बावजूद फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने में संघर्ष करती नजर आ रही है। कई शहरों में शो के दौरान सीटें खाली दिखाई दीं, जिससे फिल्म की बॉक्स ऑफिस संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दर्शकों को लुभाने के लिए फ्री टिकट ऑफर भी बेअसर
दर्शकों की कम मौजूदगी को देखते हुए फिल्म निर्माताओं ने शनिवार को एक खास ऑफर की घोषणा की। इसके तहत एक टिकट खरीदने पर दूसरा टिकट मुफ्त दिया जा रहा था। मेकर्स को उम्मीद थी कि इस रणनीति से शाम और रात के शो में दर्शकों की संख्या बढ़ेगी।
हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला। कई सिनेमाघरों में सुबह और दोपहर के शो के दौरान दर्शकों की संख्या बेहद कम रही। इससे साफ संकेत मिला कि केवल प्रमोशनल ऑफर फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं।
मल्टी-स्टार रिलीज के बीच पिछड़ी ‘भारत भाग्य विधाता’
इस सप्ताह बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्मों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कंगना रनौत की फिल्म के साथ ही दिलजीत दोसांझ की ‘मैं वापस आऊंगा’, मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ और विक्रम भट्ट की ‘हॉन्टेड 3डी’ भी रिलीज हुई हैं।
इन फिल्मों के बीच प्रतिस्पर्धा में ‘हॉन्टेड 3डी’ ने शुरुआत से ही मजबूत पकड़ बनाई हुई है और कमाई के मामले में सबसे आगे नजर आ रही है। वहीं दिलजीत दोसांझ की फिल्म भी दर्शकों का अच्छा समर्थन हासिल कर रही है। इसके मुकाबले ‘भारत भाग्य विधाता’ प्रदर्शन के मामले में पिछड़ती दिखाई दे रही है, जबकि इसे देशभर में 2000 से अधिक शो मिले हैं।
26/11 हमले के दौरान अस्पताल कर्मियों की वीरता पर आधारित है कहानी
‘भारत भाग्य विधाता’ की कहानी मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल में घटी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म उन डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ की बहादुरी को दर्शाती है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी।
फिल्म में कंगना रनौत ने गीता नामक एक साहसी नर्स का किरदार निभाया है, जो वास्तविक जीवन की नायिका अंजलि कुलथे से प्रेरित बताया गया है। कहानी में दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने खतरे के बीच अस्पताल में भर्ती कई गर्भवती महिलाओं और मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ड ऑफ माउथ पर टिकी फिल्म की उम्मीदें
बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत के बाद अब फिल्म की उम्मीदें सकारात्मक दर्शक प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फिल्म अपनी भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच पाती है या नहीं।

