बिहार के सरकारी स्कूलों में आने वाले शैक्षणिक सत्र 2026–27 से एआई (Artificial Intelligence) की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। कक्षा 6 से 12 तक के लगभग एक करोड़ छात्र अब आधुनिक तकनीक से जुड़ा यह नया पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। शिक्षा विभाग इसके लिए एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है और शुरुआती चरण में कुछ चयनित स्कूलों में इसे इस सत्र से ही लागू करने की तैयारी है।
⭐ एआई पढ़ाने के लिए Adobe से MoU
शिक्षा विभाग ने Adobe के साथ तीन माह पहले MoU किया था। इसके तहत
- एआई
- डिजिटल स्किल
- क्रिएटिविटी टूल्स
का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य छात्रों का तकनीकी ज्ञान बढ़ाना और भविष्य में रोजगार के अवसर तैयार करना है।
🎓 स्कूलों में एआई की पढ़ाई में क्या शामिल होगा?
एआई की पढ़ाई का मतलब सिर्फ रोबोट या कंप्यूटर नहीं, बल्कि इन प्रमुख तकनीकों को समझना है:
🔹 AI Concepts
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बेसिक सिद्धांत
- AI कैसे काम करता है?
🔹 Machine Learning (ML)
- डेटा से पैटर्न सीखना
- सरल एमएल मॉडल की समझ
🔹 Data Analysis
- डेटा एकत्र करना
- डेटा विश्लेषण के बेसिक टूल्स
🔹 Natural Language Processing (NLP)
- भाषा पहचान
- चैटबॉट्स का काम कैसे होता है
🔹 AI Tools से प्रैक्टिकल लर्निंग
- विजुअल लर्निंग
- वॉयस आधारित लर्निंग
- AI-enabled interactive platforms
📘 नई शिक्षा नीति 2020 का प्रभाव
नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुसार तैयार किए गए पाठ्यक्रम में इन कौशलों पर फोकस रहेगा:
- AI Fluency (एआई प्रवाह)
- डिजिटल क्रिएटिविटी
- क्रिटिकल थिंकिंग
- समस्या समाधान कौशल
AI टूल की मदद से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों को विजुअल और ऑडियो प्लेटफॉर्म से पढ़ाया जाएगा।
👨🏫 शिक्षक भी होंगे प्रशिक्षित
एजेंसी स्कूलों में
- प्रशिक्षक उपलब्ध कराएगी
- सभी स्कूलों से एक-एक शिक्षक को AI की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी
ताकि वे आगे छात्रों को AI और डिजिटल स्किल की शिक्षा दे सकें।
🎯 उद्देश्य
- छात्रों में तकनीकी कौशल विकसित करना
- डिजिटल दुनिया में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना
- सरकारी स्कूलों के बच्चों को राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर सक्षम बनाना

