टेंडर पर ठेकेदारों की बढ़ी मांग से संकट
मुंबई: BMC (मुंबई नगर निगम) ने कुछ दिन पहले कचरा संग्रह और निपटान के लिए 4165 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला था। लेकिन ठेकेदारों ने इस राशि में काम करना मुश्किल बताते हुए 40 से 64 प्रतिशत तक दर बढ़ाने की मांग की है।
इस कारण बीएमसी अब टेंडर पर फिर से विचार कर रही है और विकल्प तलाश रही है कि क्या बोलीदाताओं को राज़ किया जाए या टेंडर दोबारा निकाला जाए।
बैठक में चर्चा और कदम
बीएमसी मुख्यालय में हाल ही में हुई बैठक में घनकचरा विभाग के अधिकारी और बोलीदाता मौजूद थे। बैठक में चर्चा हुई कि बोलीदाताओं को टेंडर की मूल राशि में काम करने के लिए कैसे राज़ किया जाए।
घनकचरा विभाग के उपायुक्त किरण दिघावकर ने बताया कि बोलीदाताओं द्वारा मांगी गई राशि उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
मनसे की जांच की मांग
मनसे मुंबई अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने टेंडर में बढ़ी हुई दरों की पूरी तरह से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह करदाताओं का पैसा है और बीएमसी इतनी अधिक दरों पर काम आवंटित नहीं कर सकती।
देशपांडे ने आरोप लगाया कि प्रशासन एक गुजरात स्थित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रिया को जल्दबाजी में आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बीएमसी आयुक्त कार्रवाई नहीं करते हैं, तो उन्हें मुख्यालय के बाहर धरना देना पड़ सकता है।
BMC के विकल्प
बीएमसी के सामने दो विकल्प हैं:
- बोलीदाताओं को टेंडर की राशि (4165 करोड़) में काम करने के लिए राज़ करना।
- अगर यह संभव न हो, तो टेंडर को पुनः जारी करना।
बीएमसी ने कहा कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
टेंडर में शामिल क्षेत्र
- टेंडर में 22 वाडों में कचरा संग्रह और निपटान का कार्य निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा।
- केवल एल वार्ड (कुर्ला), एम-पूर्व (गोवंडी) और एम-पश्चिम (चेंबूर) शामिल नहीं हैं, क्योंकि ये कांजूरमार्ग और देवनार डंपिंग ग्राउंड के पास हैं।

