अभिनेता धर्मेंद्र नहीं रहे
मनोरंजन जगत को एक गहरा धक्का लगा है। हिंदी सिनेमा के प्यारे और करिश्माई सितारे धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। AP News+2The Times of India+2
फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने भी सोशल मीडिया पर उनकी मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें “एंड ऑफ ए एरा” बताया। The Times of India+1
Contents

जीवन, भूमिकाएँ और सिनेमा में योगदान
- धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। The Guardian+1
- उन्हें ‘बॉलीवुड का ही-मैन’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने एक्शन, रोमांस और कॉमेडी – सभी में मजबूती के साथ अभिनय किया। Al Jazeera+1
- उनकी सबसे मशहूर भूमिकाओं में शामिल हैं — शोले में वीरू, चुपके चुपके में प्रोफेसर परिमल। The Times of India
- उन्होंने 2012 में पद्म भूषण सम्मान भी प्राप्त किया था। India Today
उनके अंतिम समय और स्वास्थ्य
- धर्मेंद्र को इस महीने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था। www.ndtv.com
- इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई थी और वे घर पर ही देखभाल में थे। India Today
- उनके निधन पर देश भर में सहानुभूति की लहर है। कई अभिनेता, राजनेता और बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। India Today
प्रतिक्रिया और श्रद्धांजलि
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि धर्मेंद्र का जाना “भारतीय सिनेमा के लिए एक युग का अंत है।” Al Jazeera
- उद्योग जगत में कई नामी हस्तियों — Amitabh Bachchan, Shah Rukh Khan, Kamal Haasan, Priyanka Chopra आदि — ने उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है। The Times of India
- उनकी अंतिम यात्रा मुंबई में पवन हंस कब्रिस्तान में की गई। www.ndtv.com
उनकी आखिरी फिल्म — इक्कीस
- धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ है, जिसे 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ किया जाना है। India Today+1
- यह एक युद्ध-थीम आधारित फिल्म है और इसे उनकी यादगार विदाई माना जा रहा है। www.ndtv.com
विरासत और याद
धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे — उन्होंने सादगी, मेहनत और सहज हीरोइज़्म के द्वारा भारतीय सिनेमा को एक अलग पहचान दी।
उनकी मुस्कान, उनकी दिलकश आवाज, और वो सरलता, जिसे उन्होंने पर्दे पर और असल ज़िंदगी में दोनों में बरकार रखा — ये सब उन्हें लाखों दिलों में ज़िंदा रखते रहेंगे।
उनका जाना न सिर्फ एक महान अभिनेता का अंत है, बल्कि एक उस दौर का भी विदा है, जहां हीरो की शारीरिक ताकत, दिल का बड़ा होना और सादगी सबसे बड़ी खूबी थी।

