CJP नेताओं को जमानत, पीस बॉन्ड पर प्रकाश राज ने उठाए सवाल; सरकार को दी चुनौती

Thecity news
5 Min Read

सौरव दास और आशुतोष रांका 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा हुए, जबकि प्रकाश राज ने विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने की शर्तों की आलोचना की।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को माफीनामा और बॉन्ड भरने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है। दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड पर राहत मिली है। उन्होंने शांति भंग नहीं करने का लिखित भरोसा भी दिया है। हालांकि, मामले की सुनवाई और जांच जारी रहेगी।

इस बीच, अभिनेता प्रकाश राज ने एक वीडियो जारी कर दोनों नेताओं की जमानत के लिए पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे विरोध प्रदर्शन नहीं करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश बताया।

प्रकाश राज ने सरकार को दी चुनौती

प्रकाश राज ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर दोबारा विरोध नहीं करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन देश के युवा सब देख रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी।

उन्होंने आने वाले दिनों में करोड़ों लोगों के सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की बात भी कही।

‘सरकार जेम्स बॉन्ड है क्या?’

प्रकाश राज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे जल्द से जल्द अपने रवैये में सुधार करना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पीस बॉन्ड भरवाए जाने पर सवाल उठाते हुए तंज कसा, ‘सरकार जेम्स बॉन्ड है क्या?’

उन्होंने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी के युवा जल्द ही एकजुट होंगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में करोड़ों लोग सरकार के खिलाफ विरोध करेंगे।

तिरंगा फहराने के मामले में पहले भी उठाए थे सवाल

इससे पहले प्रकाश राज ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर सरकार और दिल्ली पुलिस की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं ने तिरंगा फहराया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रकाश राज के मुताबिक, सीजेपी नेताओं की मांग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेने के बाद रातभर घुमाया, फिर सुबह करीब 3 बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया और पांच दिन की हिरासत में भेज दिया।

जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद हुई थी गिरफ्तारी

सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। दोनों बंद गेट फांदकर वहां पहुंचे थे। वे जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों की इस कार्रवाई से उस पीस बॉन्ड का उल्लंघन हुआ, जिस पर उन्होंने 10 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद हस्ताक्षर किए थे। इससे पहले उन्होंने चुनावी धांधली के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था।

कोर्ट में पेशी और सुनवाई जारी रहेगी

21 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका ने नई दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत में भरोसा दिया कि वे जंतर-मंतर पर किसी तरह का विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं करेंगे। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड पर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया।

हालांकि, उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। इस दौरान दोनों नेताओं के साथ उनके जमानतदारों को भी अदालत में मौजूद रहना होगा।

क्राइम ब्रांच के सामने पेश होंगे तीनों नेता

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है। तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

इसके अलावा, सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे को भी क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस तीनों से मामले के संबंध में पूछताछ करेगी।

Share This Article