CTET 2025: 10 साल बाद शिक्षकों से मांगे गए अंक, विशिष्ट BTC के मार्क्स होंगे उपलब्ध

Thecity news
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CTET Application 2025: CTET में आवेदन के लिए 10 साल बाद शिक्षकों से अंक मांगे गए हैं। SCERT ने विशिष्ट BTC के पूर्णांक-प्राप्तांक उपलब्ध कराने के निर्देश देने को कहा।

कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब शिक्षकों को एक दशक पहले पास की गई परीक्षा के अंकों की जरूरत पड़ने लगी है। इसी क्रम में CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) के आवेदन शुरू होते ही शिक्षकों में हलचल मच गई है।

📌 क्या है समस्या

प्राथमिक स्तर के CTET आवेदन में दो वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed / BTC) के पूर्णांक और प्राप्तांक भरना अनिवार्य किया गया है।
ऐसे में वे शिक्षक, जिनकी नियुक्ति विशिष्ट BTC प्रशिक्षण के आधार पर हुई थी, अब परेशानी में हैं क्योंकि उनके पास उस समय के अंकपत्र आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

🎓 B.Ed से नियुक्त शिक्षक भी परेशान

बीएड के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त कई शिक्षक CTET आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि B.Ed एक डिग्री कोर्स है, जबकि CTET आवेदन में डिप्लोमा कोर्स के अंक मांगे जा रहे हैं। इसी कारण शिक्षक विशिष्ट BTC के पूर्णांक-प्राप्तांक जारी करने की मांग कर रहे हैं।

🏛️ SCERT ने लिखा पत्र

शिक्षकों के अनुरोध पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), लखनऊ के निदेशक गणेश कुमार ने
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि:

CTET आवेदन के लिए शिक्षकों को विशिष्ट BTC प्रशिक्षण के पूर्णांक-प्राप्तांक उपलब्ध कराने हेतु
सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) को निर्देशित किया जाए।

📜 विशिष्ट BTC की मान्यता

  • विशिष्ट BTC प्रशिक्षण वर्ष 1999 से 2014 के बीच कराया गया
  • यह प्रशिक्षण NCTE से मान्यता प्राप्त था

हालांकि, जानकारों के अनुसार विशिष्ट BTC के आधार पर CTET आवेदन की वैधता को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अब तक NCTE, केंद्र सरकार या राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया है कि:

  • सेवा में बने रहने
  • पदोन्नति

के लिए सभी शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य होगा,
भले ही उनकी नियुक्ति 2010 में RTE लागू होने से पहले हुई हो।

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