दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक (UG) प्रवेश प्रक्रिया के तहत अब तक 1.90 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। विश्वविद्यालय 16 जुलाई को पहली सीट आवंटन सूची जारी करेगा, जबकि आवेदन में सुधार के लिए करेक्शन विंडो भी खोली गई है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG) प्रवेश प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। विश्वविद्यालय के अनुसार, कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत अब तक 1,90,645 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 1,64,098 छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे चरण (फेज-2) को पूरा करते हुए अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन भी कर लिया है।
करेक्शन विंडो हुई शुरू
विश्वविद्यालय ने आवेदन फॉर्म में हुई गलतियों को सुधारने के लिए करेक्शन विंडो भी खोल दी है। छात्र CSAS पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं। यह सुविधा शनिवार रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
विश्वविद्यालय ने हाल ही में आयोजित वेबिनार में छात्रों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पहले सब्जेक्ट मैपिंग और कॉलेज-कोर्स की प्राथमिकताएं (Preferences) सावधानीपूर्वक भरें, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी विकल्प स्वतः लॉक हो जाएंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
71,624 सीटों पर होगा दाखिला
इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के 69 कॉलेजों और विभागों में संचालित 73 स्नातक पाठ्यक्रमों में कुल 71,624 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा छात्रों के लिए बीए के लगभग 150 विषय संयोजन उपलब्ध कराए गए हैं। विश्वविद्यालय ने सीट मैट्रिक्स भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।
खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों (ECA) जैसी सुपरन्यूमेरी श्रेणियों के तहत भी प्रवेश छात्रों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर ही किए जाएंगे।
16 जुलाई को पहली सीट अलॉटमेंट
दिल्ली विश्वविद्यालय 16 जुलाई को पहली सीट आवंटन (Seat Allocation) सूची जारी करेगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को निर्धारित समय के भीतर प्रवेश स्वीकार कर फीस जमा करनी होगी। इसके बाद वे अपनी सीट फ्रीज कर सकते हैं या बेहतर विकल्प के लिए अपग्रेड का विकल्प चुन सकते हैं। अपग्रेड चुनने वाले उम्मीदवार अगले राउंड से पहले अपनी उच्च प्राथमिकताओं का क्रम भी बदल सकेंगे।
वर्चुअल वॉलेट से आसान होगा फीस भुगतान
फीस भुगतान को सरल बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने वर्चुअल वॉलेट सुविधा शुरू की है। यदि किसी छात्र को अगले राउंड में दूसरे कॉलेज या कोर्स में अपग्रेड मिलता है, तो पहले से जमा की गई फीस स्वतः नई सीट पर समायोजित हो जाएगी। इससे दोबारा फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
विश्वविद्यालय की योजना 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले प्रवेश प्रक्रिया के शुरुआती दो चरण पूरे करने की है।
पीजी और बीटेक प्रवेश प्रक्रिया भी जारी
विश्वविद्यालय ने दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों के लिए तीसरी सीट आवंटन सूची भी जारी कर दी है। इस सूची में 1,765 नए सीट आवंटन किए गए हैं, जिनमें 1,551 नियमित पीजी पाठ्यक्रम और 214 प्रदर्शन-आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक 5,848 अभ्यर्थी अपनी सीट फ्रीज कर चुके हैं।
इसके अलावा, एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में अब तक 8,823 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, बीटेक की दूसरी सीट आवंटन सूची जारी कर दी गई है और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम में स्पॉट एडमिशन का पहला चरण भी शुरू हो चुका है।

