6 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का अखिल भारतीय बेंचमार्क भाव 1,49,823 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 999 चांदी 2,29,030 रुपये किलो पर दर्ज हुई।
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। सोने की कीमतों में मंगलवार को बड़ी हलचल नहीं दिखी, जबकि चांदी में कमजोरी रही। ऑल इंडिया बुलियन के 6 अक्टूबर सुबह 3 बजे के बेंचमार्क के मुताबिक, 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 1,49,823 रुपये प्रति 10 ग्राम और 999 चांदी का भाव 2,29,030 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। शहर और ज्वेलर के हिसाब से वास्तविक खुदरा कीमतें अलग हो सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड सोने पर दबाव बना रही है। मंगलवार को स्पॉट गोल्ड करीब 4,128 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 4,157 डॉलर पर कारोबार कर रहे थे।
भारत में सोना-चांदी के ताजा भाव
6 अक्टूबर के अखिल भारतीय बुलियन बेंचमार्क के अनुसार, 24 कैरेट सोना 1,49,823 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब 1,37,238 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 999 शुद्धता वाली चांदी 2,29,030 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। इन बेंचमार्क भावों में ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और जीएसटी शामिल नहीं होते।
वहीं, शहरों में सोने के भाव स्थानीय मांग और ज्वेलर्स के प्रीमियम के कारण अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय सराफा बाजार का ताजा भाव जरूर जांचना चाहिए।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव
अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों पर पड़ता है। सोने की कीमत डॉलर में तय होने के कारण डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वालों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग पर दबाव पड़ सकता है।
इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड भी ऊंची बनी हुई है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती हैं, जबकि सोने से नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसी वजह से फिलहाल बुलियन मार्केट में तेजी सीमित दिखाई दे रही है।
फेड के फैसले और अमेरिकी आंकड़ों पर नजर
निवेशकों की नजर अमेरिका के आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर है, क्योंकि इनसे फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अक्टूबर में तत्काल दर बढ़ोतरी की उम्मीदों में बदलाव आया है, लेकिन महंगाई और दिसंबर की नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इन संकेतों का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को प्रभावित कर सकता है।
RBI के फैसले पर भी बाजार की नजर
घरेलू बाजार में रुपये की चाल भी सोने-चांदी की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ मुद्रा विनिमय दर का असर भी घरेलू भाव पर पड़ता है।
ऐसे में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार के साथ भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में डॉलर, बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और घरेलू नीति संकेत सोने-चांदी की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं।

