लंबे समय से अधूरे पड़े मार्ग और भदाड़ी नदी के पुल को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन किया। अधिकारियों ने जल्द निर्माण शुरू करने का भरोसा दिया।
वर्धा, 6 अक्टूबर। दहेगांव-देवली-वायगांव-कोसुर्ला मार्ग का निर्माण लंबे समय से अधूरा होने से नाराज 9 गांवों के नागरिकों ने सोमवार को जामणी स्थित भदाड़ी नदी के पुल पर रास्ता रोको आंदोलन किया। आंदोलन के चलते कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। मौके पर विधायक राजेश बकाने, तहसीलदार समर्थ क्षीरसागर तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता मुद्दलवार और महेश मोकलकर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
विधायक राजेश बकाने ने सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर पालकमंत्री, जिलाधिकारी वर्धा और वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को सड़क का काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि अगले 7 दिनों में सड़क का निर्माण शुरू किया जाएगा और यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के दौरान किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और इसकी रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर तहसील कार्यालय में जमा की जाएगी।
निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता पर सवाल
दहेगांव-देवली-वायगांव-कोसुर्ला मार्ग के सीमेंट सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2024 में 237 करोड़ 79 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। निर्माण कार्य 7 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था, लेकिन करीब 2 साल बीतने के बावजूद सड़क का काम पूरा नहीं हो सका है। बताया गया है कि निर्माण का ठेका हैदराबाद की आर.एम.एन.इन. कंपनी को दिया गया है। अब तक कंपनी द्वारा 71 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि उठाए जाने की जानकारी सामने आई है।
जामणी में भदाड़ी नदी पर पुल का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। बारिश के दौरान इस मार्ग पर यातायात बंद हो गया था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खोदकर मिट्टी डालने के बाद काम रोक दिया गया, जिससे आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने निर्माण की धीमी गति और सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने का भी आरोप लगाया।
भदाड़ी नदी पुल पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
रास्ता रोको आंदोलन में भाविक आखूड, गौरव गावंडे, नंदकिशोर बिजवार, दिलीप परचाके, लता पुनसे, निशिगंधा पुनसे, मंदा गौरदिपे, स्वप्नील बैस, उत्तम कोलनाके, फुलचंद बोरकर, दत्ता महाजन और प्रकाश भोयर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के मोहन जोशी, दिनेश क्षीरसागर और गोल्डी बग्गा तथा भाजपा के गौरव गावडे, गजानन दुतारे, नितीन चांदेकर और जयंत लुगे भी आंदोलन में मौजूद रहे।
7 अक्टूबर को खत्म हो रही निर्माण की समयसीमा
सड़क निर्माण पूरा करने की निर्धारित समयसीमा 7 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रही है। ऐसे में ठेकेदार को नई समयसीमा कितने महीनों के लिए दी गई है, इसे लेकर अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की।
आंदोलन के दौरान बसों और अन्य वाहनों को रास्ते से वापस लौटना पड़ा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं।

