गूगल ने अपने AI मॉडल जेमिनी को और बेहतर बनाने के लिए जेमिनी 3 डीप थिंक लॉन्च किया। यह एडवांस्ड रीजनिंग मोड मुश्किल और मल्टी-स्टेप सवालों को हल कर सकता है। अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए अब जेमिनी ऐप में उपलब्ध।
गूगल का नया AI अपडेट: जेमिनी 3 डीप थिंक
गूगल ने अपने AI मॉडल जेमिनी को और उन्नत बनाने के लिए जेमिनी 3 डीप थिंक पेश किया है।
- यह एडवांस्ड रीजनिंग मोड गूगल AI अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए जेमिनी ऐप में उपलब्ध है।
- फीचर AI को कठिन और मल्टी-स्टेप सवालों को समझने और हल करने की क्षमता देता है।
- इसे ऐसे समय में लॉन्च किया गया है जब AI रीजनिंग के क्षेत्र में कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
डीप थिंक की खासियत और रीजनिंग क्षमता
- जेमिनी 3 डीप थिंक को मैथ, लॉजिक और साइंस जैसे चुनौतीपूर्ण विषयों के लिए डिजाइन किया गया।
- यह कई संभावित तरीकों पर सोचकर सबसे सही समाधान तक पहुंचता है।
- गूगल के टेस्ट में इसने पुराने रिकॉर्ड तोड़े और ‘ह्यूमैनिटीज लास्ट एग्जाम’ जैसी मुश्किल परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया।
- डीप थिंक पिछले वर्जन से तेज और सटीक है, जिससे यह रिसर्च और प्रोफेशनल कामों में उपयोगी बनता है।
डीप थिंक का इस्तेमाल कैसे करें
- अल्ट्रा-टियर सब्सक्राइबर्स जेमिनी ऐप में जाकर ‘डीप थिंक‘ मोड चुन सकते हैं।
- मॉडल के रूप में जेमिनी 3 प्रो सिलेक्ट करें।
- यह मोबाइल और दूसरे डिवाइस पर आसानी से चलता है।
- मॉडल सामान्य से लेकर बहुत जटिल सवालों पर गहरी सोच वाला जवाब देता है।
- उद्देश्य: यूजर्स को ऐसा AI देना जो सिर्फ जवाब न बनाए, बल्कि उसकी वजह भी समझा सके।
गूगल की AI रेस में बड़ी वापसी
- यह लॉन्च गूगल की मजबूत वापसी का संकेत माना जा रहा है।
- OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में अब जेमिनी 3 डीप थिंक स्मार्ट सहायक बन सकता है।
- रिसर्चर्स, डेवलपर्स और स्टूडेंट्स के लिए यह कठिन लॉजिक वाले काम तेजी से पूरा करने वाला टूल बन सकता है।
- गूगल का कहना है कि AI का भविष्य सिर्फ टेक्स्ट या इमेज बनाने तक सीमित नहीं है।

