अफगानिस्तान के खिलाफ हसन महमूद ने लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज के रूप में हैट्रिक दर्ज की।
अबू धाबी, 11 अक्टूबर। टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी अपने देश के लिए पहली बार ऐसा कारनामा करता है, तो इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने रविवार को अबू धाबी में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले देश के पहले तेज गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनकी घातक गेंदबाजी ने अफगानिस्तान की पारी को झकझोर दिया।
हसन टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के तीसरे गेंदबाज हैं। उनसे पहले अलोक कपाली ने 2003 में पेशावर में पाकिस्तान के खिलाफ और सोहाग गाजी ने 2013 में चटगांव में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि, हसन बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच में लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट चटकाए।
हसन ने लगातार दो गेंदों पर लिए विकेट
तीसरे दिन सुबह नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए हसन ने सबसे पहले इस्मत आलम को अपना शिकार बनाया। आलम चार गेंदों पर एक रन बनाकर खेल रहे थे। हसन की बैक ऑफ लेंथ गेंद असमान उछाल के कारण उम्मीद से काफी नीचे रही। आलम ने बल्ले से गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले के नीचे से निकलकर ऑफ स्टंप के निचले हिस्से से जा टकराई।
इसके बाद क्रीज पर आए कैस अहमद भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर लिटन दास की ओर चली गई। लिटन ने शानदार फुर्ती दिखाते हुए दाईं ओर लंबी छलांग लगाई और जमीन से कुछ इंच ऊपर एक हाथ से कैच लपक लिया। इस तरह हसन ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट हासिल कर लिए।
डीआरएस के बाद अंपायर को बदलना पड़ा फैसला
अब हसन के सामने इतिहास रचने का मौका था। तीसरी गेंद पर जिया-उर-रहमान बल्लेबाजी करने उतरे। हसन की गेंद ऑफ स्टंप की ओर अंदर आई और जिया उसे मिड-ऑन की दिशा में खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद बल्ले को छकाते हुए उनके पैड पर जा लगी।
अंपायर ने शुरुआती अपील ठुकरा दी। इसके बाद बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने साथियों से चर्चा कर डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में अल्ट्राएज से पता चला कि बल्ले और गेंद का कोई संपर्क नहीं हुआ था। वहीं, बॉल ट्रैकिंग में तीनों संकेत लाल नजर आए, जिससे स्पष्ट हुआ कि गेंद ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से पर लगती।
इसके बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और हसन महमूद की ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी हो गई।

