Maharashtra Politics News: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बगावत करने वाले सांसदों की पहली एक्सक्लूसिव तस्वीर दिल्ली के एक पांच सितारा होटल से सामने आई है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।
दिल्ली के होटल से सामने आई बागी सांसदों की पहली तस्वीर
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर हुए कथित महा-विद्रोह ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी से अलग रुख अपनाने वाले सांसदों के ठिकाने को लेकर पिछले 24 घंटों से जारी सस्पेंस के बीच दिल्ली के एक आलीशान पांच सितारा होटल से उनकी पहली तस्वीर सामने आई है।
टेलीविजन चैनल TV9 द्वारा प्राप्त इस तस्वीर में कई बागी सांसद एक डाइनिंग टेबल पर बैठकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
डाइनिंग टेबल पर दिखे बगावत के प्रमुख चेहरे
तस्वीर में हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख और मुंबई नॉर्थ ईस्ट के सांसद संजय दीना पाटिल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सभी नेता आपस में गंभीर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सांसदों के ठिकाने को लेकर पहले राजस्थान के किसी रिसॉर्ट में होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन तस्वीर ने साफ कर दिया कि उनकी मौजूदगी दिल्ली के एक सुरक्षित वीआईपी जोन में थी।
संजय दीना पाटिल की गंभीर मुद्रा ने बढ़ाई अटकलें
वायरल तस्वीर में शिवसेना के वरिष्ठ समन्वयक अभिषेक वर्मा भी सांसदों के साथ दिखाई दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा सांसद संजय दीना पाटिल की गंभीर मुद्रा को लेकर हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस प्रकार वे सामने की ओर ध्यान लगाए बैठे दिखाई दे रहे हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि टेबल के दूसरी ओर कोई वरिष्ठ राजनीतिक रणनीतिकार या राष्ट्रीय स्तर का नेता मौजूद हो सकता था। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
श्रीकांत शिंदे की भूमिका पर चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि पूरे ऑपरेशन के दौरान सांसदों की सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के पास थी। बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गोपनीय तरीके से संचालित किया गया।
हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ओमराजे निंबालकर महाराष्ट्र में ही क्यों रहे?
बगावत करने वाले सांसदों में धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर अन्य नेताओं के साथ दिल्ली में दिखाई नहीं दिए। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, उनके पिता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत के फैसले के मद्देनजर वे महाराष्ट्र में ही मौजूद रहे।
कानूनी और पारिवारिक कारणों के चलते वे पुणे और मुंबई में सक्रिय रहे, जबकि अन्य सांसद दिल्ली में डेरा डाले हुए थे।
ठाकरे गुट की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसदों की यह तस्वीर सामने आने के बाद उद्धव ठाकरे गुट के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। तस्वीर ने यह संकेत दिया है कि बागी सांसद अपने अगले राजनीतिक कदमों को लेकर लगातार सक्रिय हैं।
हालांकि भविष्य की रणनीति और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक घोषणा नहीं की है।

