भारत ने 211 रन बनाने के बाद पाकिस्तान को 192 रन पर रोककर एशियन गेम्स क्रिकेट में लगातार दूसरी बार पुरुषों का स्वर्ण पदक जीता।
निसिन, 3 अक्टूबर। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
अभिषेक शर्मा का तूफान
भारत की पारी की शुरुआत अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने 28 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी पारी ने भारत को शुरुआती ओवरों में तेज शुरुआत दिलाई और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अभिषेक ने इस पारी के दौरान टी20 क्रिकेट में 400 छक्के पूरे किए। उन्होंने यह मुकाम 3,513 गेंदों में हासिल किया और क्रिस गेल के 3,557 गेंदों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने। आंद्रे रसेल 3,027 गेंदों के साथ इस सूची में आगे हैं।
एक साल में 100 छक्के भी पूरे
अभिषेक ने 2026 में टी20 क्रिकेट में 100 छक्के भी पूरे कर लिए। उन्होंने 651 गेंदों में यह आंकड़ा छुआ और आंद्रे रसेल के बाद एक कैलेंडर ईयर में 100 टी20 छक्के पूरे करने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने। रसेल ने 2019 में 589 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी।
पाकिस्तान के खिलाफ 7 छक्कों के साथ अभिषेक ने युवराज सिंह के एक पारी में सर्वाधिक छक्कों के भारतीय रिकॉर्ड की भी बराबरी की। भारत-पाकिस्तान टी20 मुकाबलों में उनके नाम अब 14 छक्के हो गए हैं।
तिलक वर्मा ने संभाला मोर्चा
अभिषेक के अलावा तिलक वर्मा ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी खेलकर भारत के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। भारत ने 20 ओवर में 211 रन बनाए, जो इस एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का सबसे बड़ा स्कोर रहा।
पाकिस्तान की कोशिश नाकाम
212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की और हसन नवाज ने 96 रन की पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर पाकिस्तान की रन गति पर लगाम लगाई।
पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी और भारत ने 19 रन से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का अपना खिताब बरकरार रखा।

