10-15 मिनट डिलीवरी मॉडल में तेज प्रतिस्पर्धा, बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कंपनियां कर रहीं भारी निवेश
भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में यह देश के सबसे बड़े डिजिटल उपभोक्ता बाजारों में से एक बन सकता है। किराना सामान, फल-सब्जियां, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं को 10 से 15 मिनट के भीतर ग्राहकों तक पहुंचाने वाली कंपनियों के बीच बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की होड़ तेज हो गई है।
वर्तमान में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart इस क्षेत्र के सबसे बड़े खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारतीय क्विक कॉमर्स बाजार आने वाले वर्षों में 83 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे यह देश के ई-कॉमर्स उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा।
बाजार में Blinkit का दबदबा बरकरार
बाजार हिस्सेदारी और ऑर्डर वॉल्यूम के मामले में Blinkit फिलहाल सबसे आगे बना हुआ है। कंपनी के पास देश का सबसे बड़ा डार्क स्टोर नेटवर्क है और यह प्रतिदिन सबसे अधिक ऑर्डर डिलीवर कर रही है।
FY26 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Blinkit की बाजार हिस्सेदारी लगभग 46.5 प्रतिशत है। कंपनी के पास 2,243 से अधिक डार्क स्टोर मौजूद हैं, जो उसे प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाते हैं। साथ ही, मुनाफे की दिशा में भी Blinkit को अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से आगे माना जा रहा है।
Zepto की सबसे तेज ग्रोथ ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा
क्विक कॉमर्स सेक्टर में Zepto को सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी माना जा रहा है। कंपनी ने बेहद कम समय में अपने नेटवर्क और ग्राहक आधार का विस्तार किया है।
ऑर्डर वॉल्यूम के मामले में Zepto ने Swiggy Instamart को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी का राजस्व लगातार बढ़ रहा है और वह आईपीओ (IPO) के जरिए लगभग 837 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी में है।
हालांकि आक्रामक विस्तार के कारण कंपनी का घाटा भी बढ़ा है, लेकिन निवेशकों को उसकी विकास क्षमता पर भरोसा बना हुआ है। यही वजह है कि Zepto को इस सेक्टर का सबसे आक्रामक प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है।
Instamart भी मजबूत दावेदार
Swiggy की Instamart भी क्विक कॉमर्स बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है। कंपनी अपने विशाल फूड डिलीवरी नेटवर्क का लाभ उठाकर क्विक कॉमर्स कारोबार को तेजी से बढ़ा रही है।
हालांकि बाजार हिस्सेदारी और ऑर्डर संख्या के मामले में Instamart फिलहाल Blinkit और Zepto से पीछे है, लेकिन कंपनी लगातार नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है और अपने डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रही है।
मुनाफे से पहले बाजार हिस्सेदारी की लड़ाई
क्विक कॉमर्स कंपनियां फिलहाल लाभ कमाने की बजाय बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसके लिए नई लोकेशन पर डार्क स्टोर खोले जा रहे हैं, ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट दी जा रही है और डिलीवरी नेटवर्क पर लगातार निवेश किया जा रहा है।
इसी रणनीति के कारण अधिकांश कंपनियां अभी भी घाटे में हैं, लेकिन उनका लक्ष्य भविष्य में मजबूत ग्राहक आधार तैयार करना है ताकि लंबे समय में कारोबार को लाभदायक बनाया जा सके।
ग्राहकों को मिल रहा सबसे बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कड़ी प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा लाभ ग्राहकों को मिल रहा है। कंपनियां बेहतर डिस्काउंट, अधिक उत्पाद विकल्प और पहले से तेज डिलीवरी सेवा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
आने वाले समय में यह प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है, क्योंकि Amazon, Flipkart और अन्य बड़ी कंपनियां भी क्विक कॉमर्स बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इससे ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं तथा आकर्षक ऑफर मिलने की संभावना है।

