कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद जारी है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार कांग्रेस हाईकमान से मिलने दिल्ली जाएंगे। जानें पूरी अपडेट।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। बेलगावी में लगातार बयानबाजी के बाद अब खबर है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कांग्रेस के हाईकमान से मुलाकात करने नई दिल्ली जाएंगे। यह मुलाकात राज्य की सियासत के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
🏛️ हाईकमान के निर्देश भी नहीं ला पाए शांति
हाल ही में हाईकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच नाश्ते की बैठक हुई थी। इसके बाद दावा किया गया था कि पार्टी में सब कुछ सामान्य हो गया है, लेकिन बीते कुछ दिनों की बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि खींचतान अभी खत्म नहीं हुई है।
🗓️ कब और किससे होगी मुलाकात?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 दिसंबर को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मुलाकात कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक:
- सोनिया गांधी
- राहुल गांधी
- या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
में से किसी एक के साथ हो सकती है।
🎯 क्यों अहम है यह बैठक?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर यह मुलाकात होती है, तो कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य के लिए यह काफी निर्णायक साबित हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात दिल्ली में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ अभियान के तहत रामलीला मैदान में होने वाली रैली के बाद हो सकती है।
⚖️ सत्ता हस्तांतरण बना विवाद की जड़?
कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान की जड़ सत्ता हस्तांतरण का फॉर्मूला माना जा रहा है।
शिवकुमार समर्थकों का दावा है कि 2023 में सरकार बनने के बाद ढाई साल में मुख्यमंत्री पद बदलने की सहमति बनी थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका।
20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद यह विवाद और तेज हो गया है।
🗣️ कांग्रेस प्रभारी का बयान
कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा:
“सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। यदि वे शीर्ष नेतृत्व से मिलना चाहते हैं, तो यह हमेशा संभव है।”
📌 आगे क्या?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली यह मुलाकात तय करेगी कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार स्थिर रहेगी या फिर बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जाएगा।

