सोनम वांगचुक के समर्थन में मुंबई में विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार और आरएसएस पर साधा निशाना; जल्द चुनाव कराने की दी चुनौती
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार न रोजगार दे रही है और न ही शिक्षा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब केवल कार्यकर्ता बनकर नहीं, बल्कि नेता बनकर इस सरकार को बदलने की जरूरत है।
मुंबई के शिवाजी पार्क में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और सीजेपी के आंदोलन के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि जनता का गुस्सा तब तक शांत नहीं होना चाहिए, जब तक यह सरकार बदल नहीं जाती।
सोनम वांगचुक के समर्थन में बोले उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लद्दाख में सैनिकों के लिए सोलर कैंप बनाए और पानी की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम बर्फ का पहाड़ (आइस स्तूप) तैयार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे व्यक्ति को आज सरकार देशद्रोही और चीन का समर्थक बताने की कोशिश कर रही है।
सरकार और आरएसएस पर उठाए सवाल
ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं दत्तात्रेय होसबाले और मोहन भागवत के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान से बातचीत की बात की जा सकती है, तो देश और सेना के लिए काम करने वाले सोनम वांगचुक से बातचीत करने में क्या दिक्कत है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज देश में जो हालात हैं, वही आरएसएस के कल्पित ‘हिंदू राष्ट्र’ की परिकल्पना है।
अन्ना हजारे आंदोलन का किया जिक्र
उद्धव ठाकरे ने अन्ना हजारे के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने बातचीत के लिए प्रतिनिधि भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार संवाद की बजाय दमन की नीति अपना रही है।
सरकार को दी चुनाव की चुनौती
अपने भाषण के अंत में उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता का समर्थन होने का दावा करती है, तो तुरंत चुनाव कराने की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

