एमएलसी चुनाव में जेडीएस के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पुटन्ना को हराया, जबकि पश्चिम स्नातक सीट पर बीजेपी के एसवी संकानूर ने 9,323 वोटों से जीत दर्ज की।
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों में बीजेपी और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) गठबंधन ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों में कांग्रेस को बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी सीट गंवानी पड़ी। चार सीटों पर हुए चुनाव में पहले बीजेपी के पास तीन और कांग्रेस के पास एक सीट थी।
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुटन्ना को हराया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुटन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए। इस तरह जेडीएस ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली।
पश्चिम स्नातक सीट पर बीजेपी के संकानूर जीते
बीजेपी उम्मीदवार एसवी संकानूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को 9,323 मतों के अंतर से हराया। इस निर्वाचन क्षेत्र में धारवाड़, हावेरी, गदग और उत्तर कन्नड़ जिले शामिल हैं।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, वरीयता मतों की गिनती पूरी होने के बाद संकानूर ने जीत हासिल की। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और मतदाताओं को दिया। संकानूर ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने इस बार काफी मेहनत की, जिसका परिणाम चुनाव में देखने को मिला।
उत्तर पूर्व शिक्षक सीट पर भी बीजेपी की जीत
उत्तर पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के शशिल जी नमोशी ने जीत दर्ज की। वहीं, दक्षिण पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार केएम सुरेश और कांग्रेस के शशि हुलिकुंते मठ के बीच मुकाबले को लेकर शुरुआती रिपोर्ट में केएम सुरेश के आगे होने की जानकारी दी गई थी।
इस तरह उपलब्ध नतीजों के मुताबिक, बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने तीन सीटें जीत ली थीं, जबकि चौथी सीट की मतगणना जारी होने की जानकारी दी गई।
बैलेट पेपर के नतीजों पर जेडीएस ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
चुनाव परिणामों के बाद जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाती रही है, लेकिन इस बार चुनाव बैलेट पेपर से हुए और इसके बावजूद जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ जीत गए।
निखिल कुमारस्वामी ने अपनी पोस्ट में रंगनाथ को जीत की बधाई दी और बीजेपी-जेडीएस के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को भी शुभकामनाएं दीं। उनकी टिप्पणी कांग्रेस की ईवीएम को लेकर उठाई गई आपत्तियों के संदर्भ में थी।
कर्नाटक विधान परिषद की इन सीटों के नतीजों ने राज्य में कांग्रेस और बीजेपी-जेडीएस गठबंधन के बीच राजनीतिक मुकाबले को फिर चर्चा में ला दिया है।

