16 साल की उम्र में बना दुनिया का सबसे कम उम्र का पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

Thecity news
4 Min Read

दुबई में रहने वाले लक्ष्मणन मेय्यप्पन ने 16 साल 141 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान शुरू हुआ अकाउंटिंग का सफर उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक ले गया।

आमतौर पर 16 साल की उम्र में बच्चे पढ़ाई, करियर और भविष्य को लेकर फैसले लेना शुरू करते हैं, लेकिन लक्ष्मणन मेय्यप्पन ने इसी उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल कर ली, जिसने दुनिया को चौंका दिया। दुबई में रहने वाले मेय्यप्पन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर मान्यता दी है। उन्होंने महज 16 साल और 141 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की।

वित्तीय क्षेत्र में उनकी यात्रा कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई। कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अकाउंटिंग और वित्त की पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू किया और कम समय में पेशेवर योग्यता हासिल कर ली।

महामारी के दौरान शुरू हुआ फाइनेंस का सफर

लक्ष्मणन मेय्यप्पन की अकाउंटिंग में दिलचस्पी कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बढ़ी। कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वित्त और अकाउंटिंग की पढ़ाई को गंभीरता से लेना शुरू किया।

उनकी मां खुद एसीसीए हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने मेय्यप्पन को अकाउंटिंग की शुरुआती जानकारी दी, जिसके बाद बेटे की दिलचस्पी इस क्षेत्र में और बढ़ती चली गई।

एसीसीए की पढ़ाई करने का फैसला

इसके बाद मेय्यप्पन ने एसीसीए की पढ़ाई करने का फैसला किया। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल 15 साल की उम्र में इस पेशेवर योग्यता की तैयारी शुरू की और करीब एक साल में इसे पूरा कर लिया।

इतनी कम उम्र में एसीसीए की योग्यता हासिल करने के बाद उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी।

एसीसीए के बाद सीएफए और अब एमएससी की पढ़ाई

मेय्यप्पन की उपलब्धियां एसीसीए तक सीमित नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने सीएफए चार्टर भी हासिल किया। फिलहाल वह वित्त के क्षेत्र में एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं।

पढ़ाई के साथ-साथ वह दुबई की सेंचुरी फाइनेंशियल में वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके काम में निवेश से जुड़ी रिसर्च, वित्तीय बाजारों का विश्लेषण और निवेश संबंधी फैसलों के लिए जरूरी जानकारी तैयार करना शामिल है।

इस तरह कम उम्र में ही उन्होंने पढ़ाई के साथ वास्तविक वित्तीय दुनिया में काम करने का अनुभव भी हासिल कर लिया है।

घड़ियां बनाने का भी है शौक

वित्त और पढ़ाई के अलावा मेय्यप्पन की रुचियां भी काफी अलग हैं। उन्हें घड़ियों को डिजाइन करने और बनाने में दिलचस्पी है।

उनका मानना है कि केवल तेजी से योग्यता हासिल करना ही सफलता नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि सीखी गई चीजों का वास्तविक जीवन में इस्तेमाल कैसे किया जाए।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

अपनी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड उपलब्धि पर मेय्यप्पन ने कहा कि उन्होंने योग्यता हासिल करने को कभी किसी दौड़ की तरह नहीं देखा। उनके लिए सीखने की प्रक्रिया जिज्ञासा और वास्तविक दुनिया में वित्त को समझने पर आधारित रही।

लक्ष्मणन मेय्यप्पन की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, जो स्कूल के बाद पारंपरिक डिग्री के अलावा पेशेवर पाठ्यक्रम और वित्तीय क्षेत्र में करियर बनाने के विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने दिखाया है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और सीखने की इच्छा के साथ कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

Share This Article