मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव 2026 के नतीजों में महायुति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। 18 जून को 17 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जबकि छह सीटों पर महायुति उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। 22 जून को घोषित नतीजों में सत्तारूढ़ गठबंधन ने लगभग सभी सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा। हालांकि नासिक सीट पर महायुति को एकमात्र झटका लगा, जहां भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
महायुति की बड़ी जीत, विपक्ष को करारा झटका
विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने 11, शिवसेना ने 4 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी, जबकि महाविकास आघाड़ी कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।
विजेताओं की पूरी सूची
- ठाणे – रविंद्र फाटक (शिवसेना) – निर्विरोध
- यवतमाल – दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना) – निर्विरोध
- रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग – अनिकेत तटकरे (NCP) – निर्विरोध
- पुणे – विक्रम काकड़े (NCP) – निर्विरोध
- वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर – अरुण लखानी (BJP) – निर्विरोध
- अहिल्यानगर – प्राजक्त तनपुरे (BJP) – निर्विरोध
- छत्रपति संभाजीनगर-जालना – सुहास शिरसाट (BJP)
- नासिक – गोकुल गीते (निर्दलीय, BJP बागी)
- भंडारा-गोंदिया – अविनाश ब्रह्मणकर (BJP)
- सांगली-सातारा – धैर्यशील कदम (BJP)
- परभणी-हिंगोली – सईद खान (शिवसेना)
- सोलापुर – राजेंद्र राउत (BJP)
- धाराशिव-लातूर-बीड – बसवराज पाटिल (BJP)
- नागपुर – राजीव पोतदार (BJP)
- जलगांव – नंदकिशोर महाजन (BJP)
- अमरावती – प्रवीण पोटे (BJP)
- नांदेड़ – अमर राजुरकर (BJP)
नासिक में बागी उम्मीदवार ने बदला समीकरण
चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर नासिक सीट पर देखने को मिला। यहां भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर सत्तारूढ़ गठबंधन को बड़ा झटका दिया। यह परिणाम क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है।
सांगली-सातारा में भाजपा की दमदार जीत
सांगली-सातारा सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार धैर्यशील कदम ने महाविकास आघाड़ी समर्थित एनसीपी (शरद पवार गुट) के उम्मीदवार अभयसिंह जगताप को 301 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। कुल 885 मतों में से कदम को 593 प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि जगताप को 292 वोट प्राप्त हुए।
परिणाम के बाद जगताप ने दावा किया कि महायुति के लगभग 100 मत उनके पक्ष में आए। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी के पास मूल रूप से 192 वोट थे, लेकिन उन्हें कुल 292 वोट मिले। इसके बावजूद भाजपा ने इस सीट पर अपना मजबूत जनाधार बरकरार रखा।
छह सीटों पर पहले ही मिल चुकी थी जीत
महायुति ने मतदान से पहले ही छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली थी। इनमें वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, यवतमाल, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, ठाणे-पालघर और अहिल्यानगर शामिल हैं। इन सीटों पर विपक्ष उम्मीदवार खड़ा नहीं कर सका या उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया था।
प्रमुख मुकाबलों पर टिकी थीं निगाहें
इस चुनाव में नासिक, नांदेड़, नागपुर, धाराशिव-लातूर-बीड, सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर-जालना जैसी सीटों को महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच सीधी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा था। नतीजों ने स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य में महायुति का संगठनात्मक और राजनीतिक प्रभाव अभी भी मजबूत बना हुआ है।
राजनीतिक संदेश क्या है?
विधान परिषद चुनाव के परिणाम आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले महायुति के लिए मनोबल बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। वहीं महाविकास आघाड़ी के लिए यह नतीजे संगठनात्मक मजबूती और रणनीति पर पुनर्विचार का संकेत माने जा रहे हैं। नासिक में गोकुल गीते की जीत ने यह भी दिखाया कि स्थानीय समीकरण कई बार गठबंधन राजनीति से अलग परिणाम दे सकते हैं।

