कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह अलग मुद्दा है और पार्टी के लोग इस मामले में बातचीत कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के मुद्दे पर बात की है, तो खड़गे ने कहा, “हमारे लोग बात कर रहे हैं। वो इश्यू अलग है। 100 इश्यू होते हैं, सब पर अलग-अलग डिस्कशन होता है। क्या सभी मुद्दे लाकर एक ही दिन करते हैं?”
जेपीएससी-जेएसएससी को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ है। छात्रों ने पुलिस कार्रवाई के दौरान लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग के आरोप लगाए हैं।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से सदन में स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
खड़गे ने कार्रवाई के आदेश पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल किया कि कार्रवाई का आदेश किसने दिया और पूरा घटनाक्रम कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर स्पष्ट बयान नहीं आया है।
खड़गे ने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की घटनाओं के बाद कई छात्र बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। उनके मुताबिक, 100 से अधिक छात्रों को चोटें आईं और कुछ छात्र पैलेट गन से भी घायल हुए।
‘किसने दिया कार्रवाई का आदेश, सरकार बताए’
खड़गे ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया। उन्होंने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की।
उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा “चंदा चोरी” के आरोप और माफी की मांग का भी जिक्र किया। खड़गे ने कहा कि ये सभी अलग-अलग मुद्दे हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, तब तक ये मुद्दे बने रहेंगे।
हेमंत सोरेन से बातचीत पर क्या बोले खड़गे?
झारखंड सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के बीच छात्रों के आंदोलन को लेकर बातचीत के सवाल पर खड़गे ने कहा कि पार्टी के लोग इस मामले में बात कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का आंदोलन अलग मुद्दा है और राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग चर्चा होती रहती है।
खड़गे ने कहा कि कई मुद्दे होते हैं और सभी मुद्दों पर एक ही दिन चर्चा नहीं की जा सकती।

