
Mumbai Air Pollution Control: मुंबई में बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए बीएमसी (BMC) ने बड़ा कदम उठाया है। आदेश के अनुसार, शहर के किसी भी वार्ड में AQI 200 पार होते ही निर्माण कार्य और प्रदूषणकारी उद्योग तुरंत बंद कर दिए जाएंगे। इसके लिए हर वार्ड में विशेष फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्ते) तैनात किए गए हैं।
🔴 मुंबई की हवा लगातार खराब — AQI 200–300 के बीच
पिछले कुछ दिनों से मुंबई की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है।
शहर के कई इलाकों में AQI 200 से 300 के बीच दर्ज किया गया है, जो खराब से बहुत खराब श्रेणी में आता है।
पर्यावरण एक्टिविस्टों ने इसे लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि
अगर बीएमसी ने कदम नहीं उठाया तो स्थिति दिल्ली जैसी हो सकती है।
🟧 AQI 200 पार होते ही—क्या होगा बंद?
बीएमसी के नए आदेश में कहा गया है कि:
- जिस वार्ड में AQI 200 से ऊपर दर्ज होगा, वहां
✔️ सभी निर्माणाधीन इमारतें
✔️ प्रदूषणकारी उद्योग
तुरंत बंद कर दिए जाएंगे।
यह कार्रवाई ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-4 (GRAP-4) के तहत लागू होगी।
🟦 बीएमसी ने जारी किए 28-बिंदुओं वाले दिशा-निर्देश
बीएमसी ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 28 नियम लागू किए हैं, जिनका पालन सुनिश्चित करने के लिए उड़न दस्तों की तैनाती की गई है।
इनमें शामिल है—
- निर्माण स्थलों के चारों ओर टीन शीट से घेराबंदी
- हरे कपड़े से आवरण
- नियमित पानी का छिड़काव
- धूल रोकने वाले यंत्र
- धुआं शोषक मशीनें
- वायु प्रदूषण मापने वाली मशीनें अनिवार्य
🟩 बीएमसी आयुक्त का सख्त निर्देश
बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने कहा—
“वायु प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस इलाके में AQI 200 से ऊपर होगा, वहां फ्लाइंग स्क्वाड प्रदूषण कारक निर्माण स्थलों और उद्योगों को तुरंत बंद करेगा।”
🟪 फ्लाइंग स्क्वाड में कौन होगा शामिल?
बीएमसी के उड़न दस्ते में शामिल हैं—
- दो वार्ड स्तरीय अभियंता
- एक पुलिसकर्मी
- मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस वाहन
फ्लाइंग स्क्वाड का काम—
- सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना
- AQI मॉनिटरिंग सेंसर की जांच
- कचरा/लकड़ी जलाने जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों पर नजर
- नियम उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई

