भारत के हाईस्पीड रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर निर्माण कार्य वर्ष 2027 से शुरू होगा। यह देश का अगला प्रमुख हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट होगा, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे भारत अपनी तकनीकी क्षमता और संसाधनों के दम पर विकसित करेगा।
48 मिनट में तय होगी मुंबई-पुणे की दूरी
मुंबई और पुणे के बीच करीब 170 किलोमीटर की दूरी वर्तमान में सड़क और रेल मार्ग से तय करने में कई घंटे लगते हैं। लेकिन बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने के बाद यही सफर मात्र 48 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
रेल मंत्री के अनुसार, हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी से मुंबई और पुणे के बीच आवागमन बेहद आसान होगा और दोनों शहर आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से और अधिक करीब आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में मुंबई और पुणे एक तरह से “ट्विन सिटी” के रूप में विकसित हो सकते हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जहां देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर जापान के तकनीकी सहयोग से तैयार की जा रही है, वहीं मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन परियोजना का निर्माण पूरी तरह भारतीय विशेषज्ञता और तकनीक के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत अब हाईस्पीड रेल परियोजनाओं को स्वतंत्र रूप से डिजाइन, निर्माण और संचालित करने में सक्षम हो चुका है। यह परियोजना बजट 2026-27 में घोषित सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोरों का हिस्सा है।
बनेगा बड़ा आर्थिक गलियारा
रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल यात्रा समय कम करना नहीं है, बल्कि पश्चिम और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों को जोड़कर एक मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम तैयार करना भी है।
मुंबई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत, वापी और ठाणे जैसे शहर जब हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे, तब उद्योग, निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पुणे से हैदराबाद का सफर भी होगा आसान
प्रस्तावित हाईस्पीड नेटवर्क के तहत पुणे और हैदराबाद के बीच लगभग 500 किलोमीटर की दूरी भी बुलेट ट्रेन के जरिए महज 2 घंटे 8 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे दोनों शहरों के बीच व्यापारिक और औद्योगिक संपर्क और मजबूत होगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम भी तेज
देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सरकार के अनुसार, सूरत-वापी सेक्शन पर अगस्त 2027 तक परिचालन शुरू होने की संभावना है, जबकि पूरे कॉरिडोर को वर्ष 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मार्ग पर बुलेट ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से संचालित होंगी, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
कई नए हाईस्पीड कॉरिडोर पर सरकार की नजर
केंद्र सरकार भविष्य में दिल्ली-वाराणसी, हैदराबाद-बेंगलुरु और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर भी बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से भारत दुनिया के अग्रणी हाईस्पीड रेल नेटवर्क वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।

