Mumbai Water Crisis: सातों जलाशयों का जलस्तर घटकर 7.31% पर, बीएमसी ने पानी बचाने की अपील की

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मुंबई: मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों में जल भंडार लगातार घटता जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जल भंडार में 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद कुल उपयोगी जल भंडार घटकर केवल 7.31 प्रतिशत रह गया है। मौजूदा समय में जलाशयों में सिर्फ 1,05,755 मिलियन लीटर उपयोगी पानी उपलब्ध है। यदि आने वाले दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी मानसूनी बारिश नहीं हुई, तो मुंबई में जल कटौती का संकट गहरा सकता है।

जलग्रहण क्षेत्रों में कमजोर बारिश से बढ़ी चिंता

मानसून की शुरुआत के बावजूद मुंबई के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान तुलसी जलाशय क्षेत्र में 17 मिमी, मोडक सागर में 10 मिमी, तानसा में 3 मिमी और विहार में 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक तुलसी क्षेत्र में सबसे अधिक 306 मिमी बारिश हुई है, जबकि अपर वैतरणा क्षेत्र में केवल 8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। भातसा में 88 मिमी, तानसा में 98 मिमी और मध्य वैतरणा में 71 मिमी बारिश हुई है, जिसे सामान्य से काफी कम माना जा रहा है।

पिछले साल की तुलना में जल भंडार काफी कम

बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय सातों जलाशयों में केवल 1,05,755 मिलियन लीटर उपयोगी पानी बचा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जलाशयों में 5,37,788 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध था। जल भंडार में आई इस बड़ी गिरावट ने शहर के लिए संभावित जल संकट की आशंका को और बढ़ा दिया है।

मुंबई को रोजाना 3,900 MLD पानी की जरूरत

बीएमसी के अनुसार, मुंबई की दैनिक पेयजल आवश्यकता लगभग 3,900 मिलियन लीटर (MLD) है। मौजूदा जल भंडार को देखते हुए नागरिकों से पानी का अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलाशयों में जल्द पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा, तो पानी की आपूर्ति में कटौती जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

मध्य वैतरणा और विहार जलाशय से मिली थोड़ी राहत

हालांकि, पिछले 24 घंटों में मध्य वैतरणा और विहार जलाशयों में जलस्तर बढ़ने से कुछ राहत जरूर मिली है। मध्य वैतरणा का जलस्तर 0.06 मीटर बढ़कर उपयोगी जल भंडार 21,890 मिलियन लीटर (11.31 प्रतिशत) हो गया है। वहीं, विहार जलाशय में दर्ज वर्षा के बाद उपयोगी जल भंडार 12,499 मिलियन लीटर (45.13 प्रतिशत) तक पहुंच गया, जो फिलहाल सातों जलाशयों में सबसे अधिक है।

अच्छी मानसूनी बारिश ही संकट से दिला सकती है राहत

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, जब तक पर्याप्त वर्षा नहीं होती, तब तक मुंबई पर जल संकट का खतरा बना रहेगा। बीएमसी लगातार जलाशयों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति तय करेगी।

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