AI स्मार्ट ग्लास पर नॉर्वे में लग सकती है रोक, प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंता; जानें किन जगहों पर होगा प्रतिबंध

Thecity news
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नॉर्वे सरकार सार्वजनिक जगहों पर कैमरा और रिकॉर्डिंग फीचर वाले एआई ग्लास के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

ओस्लो, 8 अक्टूबर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट डिवाइस के बढ़ते इस्तेमाल के बीच प्राइवेसी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। नॉर्वे सरकार ने 5 अक्टूबर को कहा कि वह कुछ सार्वजनिक जगहों पर एआई स्मार्ट ग्लास के इस्तेमाल पर अस्थायी प्रतिबंध का प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रही है। सरकार की चिंता है कि इन चश्मों के जरिए आसपास मौजूद लोगों की तस्वीरें, वीडियो या ऑडियो उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। हालांकि, यह अभी लागू हो चुका देशव्यापी प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सरकार की ओर से प्रस्तावित अस्थायी रोक है।

पार्क से मॉल तक इन जगहों पर हो सकती है रोक

प्रस्ताव के तहत उन जगहों पर एआई ग्लास के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है जहां आम लोग नियमित रूप से इकट्ठा होते हैं। इनमें पार्क, बीच, म्यूजियम, शॉपिंग सेंटर और सार्वजनिक कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा स्कूल, खेल के मैदान, यूथ क्लब और कुछ संवेदनशील स्थानों जैसे डॉक्टर के क्लीनिक, स्विमिंग पूल और चेंजिंग रूम वाले जिम को भी दायरे में लाया जा सकता है।

हालांकि, नॉर्वे सरकार पूरी तरह से एआई ग्लास पर प्रतिबंध लगाने की योजना नहीं बना रही है। निजी इस्तेमाल और ऐसे स्थानों पर इनके उपयोग की अनुमति जारी रह सकती है, जहां दूसरे लोगों की बिना सहमति रिकॉर्डिंग का खतरा नहीं है। सरकार स्थायी नियम तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की भी योजना बना रही है।

छोटी इंडिकेटर लाइट से नहीं खत्म हुई प्राइवेसी की चिंता

कैमरा वाले स्मार्ट ग्लास में रिकॉर्डिंग के दौरान सामने की तरफ इंडिकेटर लाइट दी जाती है, जिससे आसपास के लोगों को पता चल सके कि तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। लेकिन आलोचकों की चिंता है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर इतनी छोटी लाइट को नोटिस करना आसान नहीं होता।

यही वजह है कि बहस केवल कैमरा रिकॉर्ड कर रहा है या नहीं, इस तक सीमित नहीं है। असली सवाल यह है कि जिस व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो या आवाज रिकॉर्ड हो रही है, क्या उसे इसकी जानकारी है और क्या उसकी सहमति ली गई है। कैमरा और एआई से लैस स्मार्ट ग्लास के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यह सवाल कई देशों में उठ रहा है।

स्मार्ट ग्लास की उपयोगिता बनाम प्राइवेसी

एआई स्मार्ट ग्लास कई उपयोगी काम कर सकते हैं। इनमें आसपास की चीजों की जानकारी देना, तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करना तथा कुछ मामलों में दिव्यांग लोगों की सहायता करना शामिल है। लेकिन जब कोई डिवाइस लगातार आसपास की दुनिया को कैमरे और माइक्रोफोन के जरिए देख या सुन सकता है, तो उससे जुड़े प्राइवेसी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।

नॉर्वे का प्रस्ताव इसी सवाल को सामने ला रहा है कि नई एआई तकनीक के उपयोग और लोगों की निजता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। स्मार्ट ग्लास को लेकर दूसरे देशों में भी प्रतिबंधों और नए नियमों पर चर्चा तेज हो रही है।

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