ओबीसी, एससी और एसटी के अधिकारों की लड़ाई का दावा, मानसून सत्र में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा
बारामती: महाराष्ट्र में ओबीसी आंदोलन का प्रमुख चेहरा माने जाने वाले प्रोफेसर लक्ष्मण हाके ने नई राजनीतिक पार्टी ‘ओबीसी जनता पार्टी’ के गठन का ऐलान कर दिया है। बारामती में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पार्टी की आधिकारिक घोषणा करते हुए राज्य की राजनीति में नए विकल्प देने का दावा किया।
हाके ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ओबीसी समाज को बीजेपी का डीएनए कहा जाता था, लेकिन अब पार्टी का चरित्र पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के समय की बीजेपी और वर्तमान बीजेपी की कार्यशैली में बड़ा अंतर बताया।
मानसून सत्र में ओबीसी मुद्दों की अनदेखी का आरोप
प्रोफेसर लक्ष्मण हाके ने आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने मिलकर राज्य के करीब 60 प्रतिशत ओबीसी समाज के मुद्दों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करना पड़ा।
कास्ट वैलिडिटी को लेकर सरकार पर हमला
हाके ने जाति वैधता प्रमाणपत्र (कास्ट वैलिडिटी) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि ओबीसी छात्रों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए केवल चार दिन का समय दिया जाता है, जबकि अन्य वर्गों को छह महीने तक की मोहलत मिलती है। उन्होंने इसे ओबीसी समाज के साथ भेदभाव बताया।
बारामती से चुनाव लड़ने के दिए संकेत
बारामती से चुनाव लड़ने के सवाल पर हाके ने संकेत दिए कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि ‘ओबीसी जनता पार्टी’ महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहू महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलेगी।
हाके ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल विधायक या सांसद बनाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करना और ओबीसी, एससी तथा एसटी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा।

