स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे बड़ा लाभार्थी और साधक देश का युवा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना होगा।
‘फ्री ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा’
देश की युवा क्षमता को पहचानते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नेटवर्क बनाने पर काम कर रही है, जिसके जरिए युवा बिना कोई फीस दिए ऑनलाइन कोचिंग का लाभ उठा सकें।
प्रधानमंत्री की यह घोषणा उन छात्रों और युवाओं के लिए अहम हो सकती है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अन्य अवसरों की तैयारी के लिए कोचिंग पर निर्भर हैं।
कई युवाओं के लिए कोचिंग के साथ यात्रा और रहने-सहने का खर्च भी एक बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में इस पहल से उन्हें मदद मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि देश में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।
‘नशामुक्त भारत बहुत जरूरी’
पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने और खास तौर पर युवाओं के सामने नशा एक बहुत बड़ा संकट बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत सभी का सामूहिक दायित्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वल भविष्य के लिए युवा पीढ़ी मजबूत हो और उसकी क्षमता देश के काम आए, इसलिए नशामुक्त भारत बहुत जरूरी है। पीएम मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का भी जिक्र किया, जो 100 सप्ताह तक चलाया जाएगा।
‘जनगणना प्रक्रिया के लिए समय निकालें युवा’
प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से इस प्रक्रिया के लिए समय निकालने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश को तीन चीजों पर ध्यान देना होगा—लागत, गुणवत्ता और कौशल। प्रधानमंत्री ने भारत के युवा कार्यबल के कौशल को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
पीएम मोदी ने खेलों के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने 2036 के ओलंपिक में भारत की संभावनाओं को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेलों की दुनिया में भारत बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के दावेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी कर रहा है।
‘दो-तिहाई इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेते देश के युवा’
पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक में होने वाले 300 से ज्यादा इवेंट्स में से भारत करीब दो-तिहाई इवेंट्स में हिस्सा ही नहीं लेता है।
उन्होंने बताया कि 2036 तक उन खेलों में भारत को मजबूत करने का संकल्प लिया गया है, जिनके लिए देश के खिलाड़ी क्वालिफाई नहीं कर पाते या जिनमें भारत हिस्सा नहीं लेता। इसके लिए टैलेंट हंट पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में प्रतिभा खोजने के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा।
पहले से अब तक कितनी यूनिवर्सिटीज बढ़ीं?
शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत में करीब 650 यूनिवर्सिटीज जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच इनकी संख्या 350 से भी कम थी।
पीएम मोदी ने 2014 के बाद मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 35 साल के बाद नई शिक्षा नीति शुरू की है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत विदेशी यूनिवर्सिटीज के लिए एक आकर्षक गंतव्य के तौर पर उभर रहा है।
‘दिमागी नक्सलियों की पहचान जरूरी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने प्रभावित इलाकों में नक्सलवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सलियों’ की पहचान करके उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों की तुलना में पुलिस और अन्य बलों के ज्यादा जवान नक्सलवाद के कारण मारे गए। पीएम ने कहा कि सरकार ने भारत को नक्सल-मुक्त बनाने का संकल्प लिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन जगहों पर कभी खून-खराबा होता था, वे अब नक्सल-मुक्त हैं। उनके मुताबिक, जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने में सफलता मिली है, लेकिन नक्सली सोच वाले लोग अभी भी मौजूद हैं। उन्होंने ऐसी सोच रखने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया।

