प्रकाश राज का बॉलीवुड पर तीखा हमला, बोले– मैडम तुसाद के मोम के पुतलों जैसी हो गई हैं हिंदी फिल्में

Thecity news
3 Min Read

अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। केरल के कोझिकोड में आयोजित केरल साहित्य महोत्सव के दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है।

महोत्सव के एक सत्र में बोलते हुए प्रकाश राज ने बॉलीवुड फिल्मों की तुलना मैडम तुसाद के मोम के संग्रहालय से की। उन्होंने कहा कि आज का मुख्यधारा हिंदी सिनेमा अपनी जड़ों से भटक चुका है और अब सच्ची कहानियों की जगह सिर्फ मुनाफे को प्राथमिकता दी जा रही है।

🎭 “परफेक्ट दिखती हैं, लेकिन अंदर से बेजान”

प्रकाश राज ने कहा,
“आज की हिंदी फिल्में बहुत सुंदर, चमकदार और प्लास्टिक जैसी दिखती हैं। ये मैडम तुसाद के मोम के पुतलों की तरह हैं—दिखने में परफेक्ट, लेकिन अंदर से बेजान।”
उनका मानना है कि असल जिंदगी की सच्चाई अब हिंदी सिनेमा से धीरे-धीरे गायब होती जा रही है।


🎬 मलयालम और तमिल सिनेमा की खुलकर तारीफ

जहां एक ओर उन्होंने बॉलीवुड की आलोचना की, वहीं दूसरी ओर मलयालम और तमिल सिनेमा की जमकर सराहना भी की। प्रकाश राज ने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री आज भी जमीन से जुड़ी और ईमानदार कहानियां कहने में विश्वास रखती है।

उन्होंने बताया कि तमिल सिनेमा में नए और युवा निर्देशक दलित मुद्दों, वर्ग संघर्ष और आम आदमी की जिंदगी जैसे सामाजिक विषयों पर बेझिझक फिल्में बना रहे हैं, जो उन्हें भविष्य के लिए उम्मीद देती हैं।


🏙️ मल्टीप्लेक्स कल्चर को ठहराया वजह

प्रकाश राज ने हिंदी सिनेमा में आए बदलाव के लिए मल्टीप्लेक्स कल्चर को भी जिम्मेदार ठहराया।
उनके मुताबिक,
“मल्टीप्लेक्स के बढ़ने के बाद हिंदी फिल्में अमीर और एलीट दर्शकों तक सीमित हो गई हैं। पहले यह सिनेमा राजस्थान, बिहार और छोटे कस्बों के लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ा होता था।”

उन्होंने कहा कि अब ग्लैमर पर ज्यादा फोकस है, जिसकी वजह से आम आदमी की कहानियां परदे से गायब होती जा रही हैं।


🔍 बयान ने खड़े किए गंभीर सवाल

प्रकाश राज का यह बयान भले ही विवादों को जन्म दे, लेकिन हिंदी सिनेमा के कंटेंट और उसकी दिशा को लेकर एक गंभीर बहस जरूर छेड़ देता है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *