क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पुडुचेरी (सीएपी) के अंडर-19 कोच एस वेंकटरमण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुडुचेरी के एक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला दिसंबर 2025 में हुए उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए चयन नहीं होने को लेकर कोच और खिलाड़ियों के बीच कथित तौर पर मारपीट हुई थी।
कोच ने खिलाड़ियों पर लगाया था हमला करने का आरोप
दिसंबर 2025 में सेदारपेट स्थित सीएपी परिसर की इनडोर ट्रेनिंग फैसिलिटी में हिंसक घटना हुई थी। उस समय कोच एस वेंकटरमण ने आरोप लगाया था कि रणजी ट्रॉफी के खिलाड़ी जे कार्तिकेयन, ए अरविंदराज और एस संतोष कुमारन ने टीम में चयन नहीं होने का जिम्मेदार उन्हें ठहराते हुए उन पर हमला किया।
वेंकटरमण के मुताबिक, इस हमले में उनके सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद पुलिस ने तीनों खिलाड़ियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अप्रैल 2026 में सीएपी ने भी तीनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
खिलाड़ी ने भी कोच के खिलाफ दी थी शिकायत
हालांकि, घटना के बाद 32 वर्षीय क्रिकेटर जे कार्तिकेयन ने भी सेदारपेट पुलिस में कोच एस वेंकटरमण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कार्तिकेयन का आरोप था कि प्रैक्टिस के दौरान कोच ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और बल्ला उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की।
कार्तिकेयन के मुताबिक, खिलाड़ियों ने जानबूझकर कोच पर हमला नहीं किया था, बल्कि पूरी घटना के दौरान उन्होंने अपना बचाव किया था। उन्होंने अपनी शिकायत में घटना के लिए कोच के व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया था।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर
खिलाड़ियों की शिकायत पर लंबे समय तक पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने के बाद जे कार्तिकेयन ने पुडुचेरी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट-IV की अदालत का रुख किया। अदालत के आदेश के बाद पिछले सप्ताह सेदारपेट पुलिस ने एस वेंकटरमण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
खिलाड़ियों के वकील के मुताबिक, उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पुडुचेरी से भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कोच को तत्काल प्रतिबंधित करने की मांग भी की गई है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।

