इंडिगो एयरलाइंस द्वारा लगातार तीन दिन से उड़ानें रद्द किए जाने पर राहुल गांधी ने सरकार पर मोनोपॉली मॉडल थोपने का आरोप लगाया। एयरलाइंस की 60% हिस्सेदारी होने के बावजूद भारी कैंसिलेशन से यात्रियों में हाहाकार।
इंडिगो एयरलाइंस में भारी संकट, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
इंडिगो एयरलाइंस की लगातार बढ़ती समस्याओं ने पूरे देश में अफरा-तफरी मचा दी है।
घरेलू उड्डयन बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो लगातार बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर रही है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है और इसे “मोनोपॉली मॉडल” का परिणाम बताया है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने X पर लिखा:
“इंडिगो की नाकामी इस सरकार के मोनोपॉली मॉडल की कीमत है। एक बार फिर, आम भारतीय ही देरी, रद्दीकरण और लाचारी के रूप में इसकी कीमत चुका रहे हैं। भारत हर सेक्टर में सही प्रतियोगिता का हकदार है, मैच-फिक्सिंग मोनोपॉली का नहीं।”
उन्होंने बताया कि एयरलाइन सेक्टर में एक ही कंपनी के पास इतनी विशाल हिस्सेदारी होना अब देश के लिए संकट बनता जा रहा है।
राहुल ने साझा किया पुराना लेख
राहुल गांधी ने इसके साथ पिछले साल नवंबर में लिखा गया अपना लेख भी साझा किया, जिसमें उन्होंने एयरलाइन इंडस्ट्री में बढ़ते एकाधिकार और इसके परिणामों पर विस्तार से बात की थी।
इंडिगो की उड़ानें तीसरे दिन भी रद्द, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
देशभर में इंडिगो की उड़ानें तीसरे दिन भी भारी संख्या में रद्द हुईं:
- गुरुवार: 550+ उड़ानें रद्द
- शुक्रवार: अभी तक 400 उड़ानें रद्द
- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद — इन सभी बड़े एयरपोर्ट पर आने–जाने वाली 100 से अधिक उड़ानें रद्द
इंडिगो ने घोषणा की है कि वह 8 दिसंबर से उड़ानें कम करेगी।
साथ ही उसने DGCA से 10 फरवरी 2026 तक सामान्य संचालन के लिए समय मांगा है।

