अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर नया विवाद, संजय राउत ने ट्रस्ट से मांगा जवाब
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे में हेराफेरी के मामले ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि शिवसेना द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये के योगदान का आज तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या पुलिस ने मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
उद्धव ठाकरे ने संतों की मौजूदगी में सौंपी थी चांदी की ईंट
संजय राउत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की उपस्थिति में राम मंदिर निर्माण के लिए 4 किलो की पवित्र चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का चेक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा था।
राउत ने आरोप लगाया कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से न तो दान की कोई रसीद जारी की गई और न ही चांदी की ईंट के संबंध में कोई जानकारी साझा की गई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं से जुड़े इस विषय पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों पर एफआईआर
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी में कथित गड़बड़ी की शिकायत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य कृष्णमोहन ने दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाना पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार सभी नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर साइबर और वित्तीय विशेषज्ञों की मदद से पूछताछ की जा रही है।
योगी सरकार ने गठित की SIT, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राम मंदिर के दान और चढ़ावे में किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राम मंदिर से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। जहां संजय राउत ने दान की गई चांदी की ईंट और एक करोड़ रुपये के फंड का हिसाब मांगा है, वहीं जांच एजेंसियां चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच में जुटी हुई हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

