भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और करूर वैश्य बैंक ने अपनी लोन ब्याज दरों में तुरंत कमी की घोषणा की। जानें नई दरें और EMI पर असर।
Banks Interest Rates Reduced: RBI ने रेपो रेट घटाकर लोन सस्ते किए
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती की है। इस कदम से आम आदमी के लिए होम लोन और अन्य लोन सस्ते होने का रास्ता खुल गया है।
देश के चार प्रमुख बैंकों — बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और करूर वैश्य बैंक (KVB) — ने तुरंत अपनी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए फायदेमंद है जो घर खरीदने या नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं।
RBI के फैसले का सीधा फायदा
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI, अन्य बैंकों को पैसा उधार देती है। जब यह दर कम होती है, तो बैंकों को सस्ता फंड मिलता है, और वे ग्राहकों को लोन पर कम ब्याज दरें देते हैं।
कितनी कम हुई हैं ब्याज दरें?
चारों बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की है, जो 5 और 6 दिसंबर 2025 से लागू हो गई है।
- बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): 8.15% → 7.90%
- इंडियन बैंक: 8.20% → 7.95%
- बैंक ऑफ इंडिया: 8.35% → 8.10%
- करूर वैश्य बैंक (KVB): 8.80% → 8.55%
इस कटौती से लोन लेने वालों की मासिक EMI कम हो जाएगी और वित्तीय बोझ घटेगा।
क्यों घटती है लोन की EMI?
रेपो रेट कम होने से बैंकों की फंडिंग लागत घटती है। बैंक यह बचत ग्राहकों को लोन की ब्याज दर में कटौती के रूप में देते हैं।
- होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन सस्ते हो जाते हैं।
- ग्राहकों को कम ब्याज चुकाना होगा और EMI घटेगी।
- अर्थव्यवस्था में ऋण की मांग बढ़ती है और उपभोग (Consumption) को प्रोत्साहन मिलता है।

