RTMNU News: नागपुर विश्वविद्यालय में नई सॉफ्टवेयर कंपनी के कारण BA बैक सब्जेक्ट परीक्षा में बड़ी लापरवाही। गलत टाइम टेबल, हजारों छात्रों का डेटा गायब।
नागपुर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही उजागर
राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (RTMNU) द्वारा जल्दबाजी में सॉफ्टवेयर कंपनी बदलने के फैसले के गंभीर साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं। शुक्रवार को बीए बैक सब्जेक्ट (पूरक परीक्षा) देने पहुंचे छात्र उस वक्त हैरान रह गए, जब परीक्षा केंद्रों पर उन्हें बताया गया कि संबंधित पेपर तो 10 दिसंबर को ही हो चुका है।
जबकि विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रवेश पत्र में 12 दिसंबर की तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज थी।
📌 परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी
- बीए सेकंड सेमेस्टर
- विषय: ओपन इलेक्टिव-2
- सेवा सदन परीक्षा केंद्र पर 165 छात्रों की परीक्षा प्रस्तावित थी
छात्र जब केंद्र पहुंचे तो कर्मचारियों ने पेपर हो जाने की जानकारी दी। यह समस्या सिर्फ एक केंद्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि चार जिलों के 100 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर यही स्थिति बनी रही।
❌ टाइम टेबल में ही गलत तारीख
जांच में सामने आया कि—
- विश्वविद्यालय द्वारा गलत तिथि वाला टाइम टेबल जारी किया गया
- उसी आधार पर गलत प्रवेश पत्र कॉलेजों को भेजे गए
- केंद्र कर्मचारियों ने छात्रों को कोई सहयोग नहीं दिया
छात्रों ने जब परीक्षा विभाग से संपर्क किया तो अधिकारी भी स्थिति से अनजान नजर आए।
💻 छात्रों का डेटा ही गायब
मामला और गंभीर तब हो गया जब पता चला कि—
- नई सॉफ्टवेयर कंपनी के रिकॉर्ड में
- बीए सेकंड सेमेस्टर ओपन इलेक्टिव विषय का पेपर ही मौजूद नहीं है
- यानी हजारों छात्रों का डेटा सिस्टम से गायब है
यह लापरवाही डेटा माइग्रेशन और रिकॉर्ड एकत्रीकरण में भारी चूक के कारण हुई।
📆 20 दिसंबर के बाद परीक्षा का आश्वासन
काफी हंगामे के बाद परीक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि—
सभी पेपर पूरे होने के बाद 20 दिसंबर के बाद पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
हालांकि छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परीक्षा के नाम पर मजाक कर रहा है।
⚠️ पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें
नई सॉफ्टवेयर कंपनी लागू होने के बाद—
- विषय मैच नहीं होना
- छात्रों के नाम गायब होना
- प्रवेश पत्र में त्रुटियां
जैसी शिकायतें पहले ही सामने आ चुकी थीं। बावजूद इसके विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस सुधार नहीं किया।
🎓 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
पूरक परीक्षा में ही इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आना यह संकेत देता है कि आने वाली नियमित परीक्षाओं में स्थिति और गंभीर हो सकती है। छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

