रक्षा मंत्रालय की आपत्तियों के बाद फिल्म में बड़े बदलाव और रीशूट किए गए। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद सीबीएफसी सर्टिफिकेट का इंतजार है।
मुंबई, 3 अक्टूबर। सलमान खान की वॉर ड्रामा फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता अब खत्म होती नजर आ रही है। गलवान घाटी की 2020 की घटना पर आधारित इस फिल्म को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। सरकार की हरी झंडी के बाद फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है।
रक्षा मंत्रालय की आपत्ति के बाद हुआ रीशूट
फिल्म का शुरुआती नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, जिसे बाद में बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया। फिल्म में 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गलवान घाटी की झड़प को कहानी का आधार बनाया गया है।
फिल्म के शुरुआती संस्करण को लेकर रक्षा मंत्रालय ने चीन विरोधी रुख और कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद निर्माताओं ने फिल्म में बड़े स्तर पर बदलाव और रीशूट किया। संशोधित संस्करण में भारत-चीन संबंधों और कूटनीतिक पहलुओं को पहले की तुलना में अधिक संतुलित तरीके से पेश किया गया है।
एनओसी मिलने के बाद सिर्फ सीबीएफसी की मंजूरी बाकी
संशोधित फिल्म देखने के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपनी सहमति दे दी है और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। लंबे समय से भारत-चीन के संवेदनशील संबंधों के बीच फिल्म की रिलीज को लेकर सवाल उठ रहे थे।
मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद फिल्म के सामने मौजूद बड़ी प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है। अब निर्माताओं को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है। इसके बाद रिलीज की तारीख तय करने का रास्ता साफ हो सकता है।
कर्नल संतोष बाबू के किरदार में सलमान खान
अपूर्वा लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। गलवान घाटी की झड़प के दौरान कर्नल संतोष बाबू ने नेतृत्व करते हुए अदम्य साहस दिखाया था और वीरगति प्राप्त की थी।
फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह भी नजर आएंगी। फिल्म की अप्रैल में प्रस्तावित रिलीज टल गई थी। अब मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इसके आने वाले महीनों में बड़े पर्दे पर रिलीज होने की संभावना बढ़ गई है।

