संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर सोमवार को विशेष बहस होगी। पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई नेता हिस्सा लेंगे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
नई दिल्ली: संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में सोमवार को वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर विशेष बहस होगी। इस बहस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। केंद्र सरकार इस बहस में विपक्षी कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है, और चर्चा के दौरान राष्ट्रगीत के कई महत्वपूर्ण और कम ज्ञात पहलुओं को उजागर किया जाएगा।
मुख्य वक्ता:
प्रधानमंत्री मोदी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहस में शामिल होंगे। राज्यसभा में यह बहस मंगलवार को होगी, जिसका नेतृत्व गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा बहस में हिस्सा लेंगे।
लोकसभा में बहस:
विपक्ष की ओर से कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी बहस की शुरुआत करेंगे। कांग्रेस ने लोकसभा में बहस के लिए दीपेंद्र हुड्डा, बिमोल अकोइजाम, प्रणीति शिंदे, प्रशांत पडोले, किरण चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत को वक्ता बनाया है। लोकसभा में इस बहस के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
विवाद:
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही वंदे मातरम के कुछ छंद हटाने को लेकर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि 1937 में इस गीत के कुछ महत्वपूर्ण छंद काट दिए गए, जो इसके आत्मा का हिस्सा थे।
संसदीय बुलेटिन में सदन में मर्यादा बनाए रखने के नियमों को दोहराया गया और “धन्यवाद”, “जय हिंद” और “वंदे मातरम” जैसे नारे न लगाने का निर्देश दिया गया। विपक्ष ने इस बहस का फायदा उठाते हुए सरकार को घेरा और उनके रुख पर सवाल उठाए।
इतिहास:
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम 1870 के दशक में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था और यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया।

