एससी-एसटी छात्रों के लिए बड़ी खबर, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा बढ़ाने की तैयारी

Thecity news
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2013 से 2.5 लाख रुपये पर अटकी आय सीमा को बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद बदलाव लागू हो सकता है।

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। केंद्र सरकार अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना की पात्रता में बदलाव की तैयारी कर रही है। मौजूदा नियमों के तहत एससी छात्रों के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी में भी यह सीमा 2.5 लाख रुपये दर्ज है।

2013 के बाद नहीं बदली आय सीमा

केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत एससी छात्रों की वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को शैक्षणिक सत्र 2013-14 से 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किया गया था।

योजना का उद्देश्य पोस्ट मैट्रिक या पोस्ट सेकेंडरी स्तर पर पढ़ने वाले एससी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। यह योजना केंद्र और राज्यों के सहयोग से लागू की जाती है।

आय सीमा बढ़ाने की मांग

आय सीमा में लंबे समय से बदलाव नहीं होने को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि महंगाई और परिवारों की आय में बदलाव को देखते हुए छात्रवृत्ति की पात्रता सीमा की समीक्षा की जानी चाहिए।

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंजीनियर्स (बाने), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित ऑर्गेनाइजेशंस (नैकडोर) और नेशनल कैंपेन फॉर दलित ह्यूमन राइट्स (एनसीडीएचआर) से जुड़े प्रतिनिधियों ने आय सीमा बढ़ाने की मांग की है। कुछ संगठनों ने इसे बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।

बाने के अध्यक्ष नागसेन सोनारे ने इसे बढ़ाकर कम से कम 12 लाख रुपये सालाना करने की मांग की है। वहीं, नैकडोर के अध्यक्ष अशोक भारती ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और एससी-एसटी छात्रों के लिए आय सीमा तय करने के अलग-अलग मानकों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

4.5 लाख रुपये करने पर विचार

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि सरकार मौजूदा आय सीमा को बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसे 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी बताई गई है।

हालांकि, प्रस्ताव को अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलना बाकी है। इसलिए नई आय सीमा फिलहाल प्रस्तावित बदलाव है और इसके लागू होने की अंतिम स्थिति कैबिनेट के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।

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