मुनाफावसूली से बाजार में हाहाकार, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली; निवेशकों को लगा बड़ा झटका
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिससे पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। सुबह से ही बाजार में भारी दबाव बना रहा और निवेशकों के बीच निराशा का माहौल देखने को मिला। गिफ्ट निफ्टी के शुरुआती संकेतों से ही स्पष्ट हो गया था कि बाजार कमजोर शुरुआत कर सकता है और कारोबार शुरू होते ही प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की जा रही भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) इस गिरावट की प्रमुख वजह रही। विदेशी बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू शेयर बाजार अपनी बढ़त को बरकरार रखने में सफल नहीं रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 557 अंकों की गिरावट के साथ 76,852 के स्तर पर खुला। बिकवाली बढ़ने के साथ सेंसेक्स में गिरावट और तेज हो गई और यह 800 अंकों से अधिक टूटकर 76,605 के स्तर तक पहुंच गया।
वहीं, एनएसई निफ्टी 176 अंकों की कमजोरी के साथ 23,991 पर खुला और बाद में 220 अंकों से अधिक गिरकर 23,943 के स्तर तक फिसल गया। इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 77,409.98 और निफ्टी 24,168 के स्तर पर मजबूती के साथ बंद हुए थे।
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
आज की गिरावट में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इन्फोसिस के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीसीएस के शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गए।
इसके अलावा टेक महिंद्रा में 5.52 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 5.26 प्रतिशत और विप्रो के शेयरों में 3.57 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट ने बाजार के कुल प्रदर्शन पर भी नकारात्मक असर डाला।
विदेशी बाजारों से मिले-जुले संकेत
हालांकि अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को टेक्नोलॉजी शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली थी। वॉल स्ट्रीट पर नैस्डैक इंडेक्स 1.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर इसका सकारात्मक असर नहीं दिखा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता ने विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों को कमजोर कर दिया।
अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल में नरमी
वैश्विक ऊर्जा बाजार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते से राहत मिली है। समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने लगी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना है।
ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.84 प्रतिशत गिरकर 79.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
रिलायंस की AGM पर निवेशकों की नजर
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब रिलायंस इंडस्ट्रीज की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) पर टिकी हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी की ओर से भविष्य की रणनीति और नए कारोबारों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं, जिसका असर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

