सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला, एकनाथ शिंदे ने दिए सख्त जांच के निर्देश

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महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित मुगत गांव में माता साहिब देवाजी गुरुद्वारे के पास पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए जानलेवा हमले के बाद राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिंदे ने सुखबीर बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दिए जांच के सख्त निर्देश

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सांसद हरसिमरत कौर से बातचीत के दौरान कहा कि इस कायराना हमले के साजिशकर्ताओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद शिंदे ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से सीधे संपर्क कर सुरक्षा में हुई चूक की जानकारी ली।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को पूरी घटना की गहन जांच करने और मामले के हर पहलू का पता लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरसिमरत कौर से फोन पर बातचीत कर सुखबीर बादल की सेहत का हालचाल जाना था।

हमले में बादल के हाथ पर लगे तीन टांके

घटना दोपहर करीब 1:50 बजे उस समय हुई, जब सुखबीर बादल गुरुद्वारा साहिब में दर्शन के बाद सीढ़ियों से उतर रहे थे। इसी दौरान एक हमलावर ने उन पर कृपाण से हमला कर दिया। इससे उनकी दाहिनी बांह पर 4 से 5 सेंटीमीटर गहरा घाव हो गया।

उन्हें बचाने के प्रयास में विशेष सुरक्षा इकाई का एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुखबीर बादल के हाथ में तीन टांके लगाए। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

कौन है निहंग जसपाल सिंह तेजा? सामने आया पुणे कनेक्शन

नांदेड़ पुलिस ने मौके से 62 वर्षीय जसपाल सिंह तेजा सिंह को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी का पुणे शहर से संबंध रहा है।

शैक्षणिक और व्यापारिक पृष्ठभूमि: कानून की पढ़ाई कर चुके जसपाल सिंह ने पुणे के कैंप इलाके में वकालत की थी। उसने एक स्थानीय छोटा समाचार पत्र भी चलाया और करीब तीन साल तक स्नैक्स सेंटर का संचालन किया।

पारिवारिक स्थिति: उसकी पत्नी कैंप के एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षिका हैं और उससे अलग रहती हैं। परिजनों के मुताबिक, तेजा सिंह का परिवार से बहुत कम संपर्क था।

एटीएस की छापेमारी: 2024 में तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब में सेवा के लिए नांदेड़ आने से पहले वह पुणे में रहता था। घटना के बाद पुणे क्राइम ब्रांच और महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड की टीम ने उसके पुणे स्थित घर पर देर रात तक तलाशी अभियान चलाया। पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और हमले के पीछे के मकसद की जांच कर रही है।

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