महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बीच समझौता हो गया है। दोनों नेता आगामी नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ने पर सहमत हो गए हैं। मुंबई सहित 6 बड़े म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए गठबंधन का फॉर्मूला तय कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को दोनों ठाकरे बंधुओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली, जिसमें रणनीति, सीट-बंटवारा और चुनावी रोल-आउट पर चर्चा की गई।
इन 6 नगर निगम पर संयुक्त लड़ाई
दोनों दल मिलकर निम्नलिखित निगमों में चुनाव लड़ेंगे:
- बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)
- ठाणे
- कल्याण–डोंबिवली
- नवी मुंबई
- नाशिक
- पुणे
ठाणे में विचारे–जाधव को जिम्मेदारी
ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए सीट बंटवारे की जिम्मेदारी दो नेताओं को सौंपी गई है—
- शिवसेना (यूबीटी) से राजन विचारे
- मनसे से अविनाश जाधव
ये दोनों नेता स्थानीय समीकरणों और सीटों के वितरण पर प्रस्तुति तैयार करेंगे।
कल्याण–डोंबिवली में ये नेताओं की पकड़
कल्याण–डोंबिवली के लिए जिम्मेदारी दी गई है:
- यूबीटी के विधायक वरुण सरदेसाई
- मनसे के पूर्व विधायक राजू पाटिल
इन चर्चाओं पर सीधे निगरानी रखेंगे:
- शिवसेना (यूबीटी) से आदित्य ठाकरे
- मनसे से अमित ठाकरे
2017 का चुनाव और अब का बदलता समीकरण
पिछले नगर निगम चुनाव (2017) में तस्वीर अलग थी—
- संयुक्त शिवसेना: 84 सीटें
- बीजेपी: 82 सीटें
- मनसे: 7 सीटें
हालांकि राज्य की राजनीतिक परिस्थिति अब पूरी तरह बदल गई है। शिवसेना का विभाजन, नए गठबंधन और बदली निष्ठाओं ने पूरे समीकरण को नया मोड़ दे दिया है। इसी वजह से दोनों ठाकरे बंधुओं का एक साथ आना चुनावी राजनीति में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

