पिछले एक महीने में सोने की कीमत करीब 1.5% और चांदी की कीमत 2.15% घटी, हालांकि सालभर में दोनों कीमती धातुओं ने दिया शानदार रिटर्न
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के ताजा भाव जारी हो गए हैं। बुलियन डॉट कॉम के अनुसार, 24 कैरेट सोना 1,52,770 रुपये प्रति 10 ग्राम और 999 शुद्ध चांदी 2,33,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।
पिछले एक महीने में सोने की कीमत में करीब 1.5% और चांदी में 2.15% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सालाना आधार पर दोनों कीमती धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। प्रमुख शहरों में चेन्नई में सोने और चांदी के भाव सबसे ज्यादा हैं, जबकि दिल्ली में दोनों धातुओं की कीमतें सबसे कम दर्ज की गई हैं।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
11 सितंबर 2026 को प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|
| मुंबई | 1,52,490 |
| दिल्ली | 1,52,230 |
| चेन्नई | 1,52,940 |
| कोलकाता | 1,52,290 |
| बेंगलुरु | 1,52,610 |
| हैदराबाद | 1,52,740 |
चांदी की कीमत कितनी है?
भारतीय सर्राफा बाजार में 11 सितंबर को 999 शुद्धता वाली चांदी 2,33,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। वहीं 925 स्टर्लिंग चांदी का भाव 2,16,080 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
पिछले एक महीने में चांदी की कीमत में करीब 2.15% की गिरावट आई है। हालांकि, पिछले एक साल में सफेद धातु की कीमत में 84% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रमुख शहरों में 999 शुद्ध चांदी का भाव
| शहर | चांदी का भाव (₹/किलोग्राम) |
|---|---|
| मुंबई | 2,33,180 |
| दिल्ली | 2,32,770 |
| चेन्नई | 2,33,850 |
| कोलकाता | 2,32,870 |
| बेंगलुरु | 2,33,360 |
| हैदराबाद | 2,33,540 |
सोना-चांदी की कीमतों पर आगे क्या असर पड़ेगा?
कीमती धातुओं की आगे की दिशा अमेरिका के महंगाई आंकड़ों, खासकर सीपीआई और पीपीआई, के साथ फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक के रुख पर है।
अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहते हैं, तो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती आ सकती है। ऐसी स्थिति में सोने और चांदी की तेजी सीमित रह सकती है। वहीं, महंगाई के आंकड़े कमजोर रहने पर ब्याज दरों में कटौती या नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद बढ़ सकती है, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा मिलने की संभावना रहेगी।

