अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे विवाद पर मायावती का बयान, बोलीं- दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो लेकिन राजनीति नहीं होनी चाहिए

Thecity news
3 Min Read

Ram Mandir Donation Case: मायावती ने अयोध्या श्री राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, चोरी और हेराफेरी की खबरों को गंभीर बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही इस मुद्दे के राजनीतिकरण से बचने की सलाह दी है।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आ रही कथित गड़बड़ी, चोरी और हेराफेरी की खबरों पर गंभीर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद चिंताजनक है और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

चढ़ावे की पारदर्शिता पर उठे सवाल

मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मीडिया में लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जिनमें राम मंदिर के चढ़ावे में अनियमितताओं और हेराफेरी की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

अन्य मंदिरों जैसी व्यवस्था लागू करने की सलाह

BSP प्रमुख ने सुझाव दिया कि अयोध्या राम मंदिर में भी देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों की तरह चढ़ावे और दान की पारदर्शी लेखा-जोखा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि मंदिरों में आने वाले दान का सही हिसाब-किताब रखा जाएगा तो भविष्य में किसी भी तरह की शिकायत या विवाद की संभावना कम हो जाएगी।

‘धर्म का राजनीतिकरण बंद होना चाहिए’

मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को धर्म और आस्था के मामलों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि:

  • राजनीति का अपराधीकरण बंद होना चाहिए
  • अपराध का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए
  • धर्म को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए
  • अंधी धार्मिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि धार्मिक आस्था के मामलों को राजनीति से दूर रखें और प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखें।

क्या है पूरा मामला

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का चढ़ावा आने की रिपोर्ट्स हैं।

हाल ही में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन, चोरी और हेराफेरी के मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार राज्य और केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *