MPPSC की एग्जाम मैनेजमेंट पर फिर सवाल
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) एक बार फिर अपनी एग्जाम मैनेजमेंट व्यवस्था को लेकर विवादों में घिर गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस) परीक्षा 2025 के लिए जारी किए गए एडमिट कार्ड में गंभीर त्रुटि सामने आने के बाद आयोग को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुराना लिंक तुरंत हटाकर रिवाइज्ड एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं।
❓ क्या थी पूरी गलती?
MPPSC ने 4 जनवरी 2026 को होने वाली परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए थे। जब उम्मीदवारों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किए, तो निर्देशों के बिंदु संख्या 03 में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
एडमिट कार्ड में लिखा था कि परीक्षा में—
- नेगेटिव मार्किंग लागू होगी
- प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा
- प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक दिए जाएंगे
जबकि वास्तविक परीक्षा पैटर्न में नेगेटिव मार्किंग का कोई प्रावधान नहीं है और हर प्रश्न 4 अंकों का होता है।
😟 उम्मीदवारों में फैली घबराहट
जैसे ही यह जानकारी सोशल मीडिया और उम्मीदवार समूहों में फैली, परीक्षार्थियों में घबराहट और भ्रम की स्थिति बन गई। परीक्षा नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों का तनाव और बढ़ गया।
🏛️ आयोग की प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण
गलती का अहसास होते ही आयोग ने एक घंटे के भीतर डाउनलोड लिंक हटा दिया। शनिवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना में MPPSC ने अपनी त्रुटि स्वीकार की।
आयोग ने स्पष्ट किया—
“असिस्टेंट प्रोफेसर कंप्यूटर साइंस परीक्षा-2025 का आयोजन 4 जनवरी 2026 को दो सत्रों में किया जाएगा। तकनीकी त्रुटि के कारण एडमिट कार्ड में गलत निर्देश छप गए थे।”
आयोग ने यह भी कहा कि पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके उम्मीदवारों को भी नया रिवाइज्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
⏳ उम्मीदवारों की बढ़ीं मुश्किलें
हालांकि आयोग ने स्पष्टीकरण जारी कर दिया था, लेकिन शनिवार शाम तक रिवाइज्ड लिंक सक्रिय न होने से उम्मीदवारों की चिंता बनी रही।
इसके अलावा—
- परीक्षा केंद्रों को लेकर भी असमंजस
- पहले इंदौर को संभावित परीक्षा शहर बताया गया था
- एडमिट कार्ड में स्पष्ट जानकारी न होने से भ्रम की स्थिति
इन कारणों से परीक्षार्थियों की परेशानी और बढ़ गई।
🌐 देर रात जारी हुआ नया लिंक
शनिवार देर रात MPPSC ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर रिवाइज्ड एडमिट कार्ड लिंक लाइव कर दिया। आयोग ने दोहराया कि—
- सभी उम्मीदवारों को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करना अनिवार्य है
- पुराने एडमिट कार्ड मान्य नहीं होंगे
इस पूरे मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में प्रशासनिक सटीकता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

